नयी दिल्ली। पिछले बीस दिनों से जेएनयू छात्र आंदोलन करने पर मजबूर है। विवि प्रशासन ने छात्रावास के साथ अन्य मदों में भारी इजाफा किया था। जिसका छात्रों ने भारी विरोध जताया है। आज भी छात्र आंदोलन खत्म करने पर राजी नहीं हैं। दो दिनों पहले छात्रों ने विवि के अंदर विरोध प्रदर्शन किया है। दो दिन पहले जेएनयू छात्रों ने भारी संख्या में नेल्सन मंडेला रोड पर आकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आईसीटीई के समारोह में जाने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने दज्ञत्रों को ऐसा करने से बलपूर्वक रोका जिन्होंने जबरदस्ती करने की कोशिश उन्हे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। लेकिन छात्रों का आन्दोलन जारी है।
छात्रों के आन्दोलन के आगे विवि प्रशासन ने छात्रावास के मासिक शुल्क मे कुछ हद तक कटौती करने का आश्वासन दिया। प्रशासन की माने तो वो तीन सौ रुपये करने को तैयार हो गया है। लेकिन छात्र इस कटौती से सहमत नहीं हैं उनका कहना है कि बात छात्रावास कमरे के किराये की बात नहीं है विवि प्रशासन ने अन्य बातों के लिये प्रशासन ने कोई बात नहीं की है। छात्रों की मांग है कि उन्हें यह कहा गया है कि रात में 11 बजे के बाद वो कमरे या छात्रावास से बाहर नहीं जा सकते है। 17000 प्रतिमाह के शुल्क को भी वापस लिया जाये। यह गरीब छात्रों पर अनावश्यक बोझ है। मेस की फीस 12 हजार भी वापस लिया जाये पहले वाली फीस 5500 ही लागू हो। विवि प्रशासन ने यह फेसला किया है। शिक्षा सचिव आर सुब्रह्ममण्यम ने ट्वीट कर बताया कि हास्टल फीस वृद्धि और अन्य फैसले वापस ले लिये गये है। उन्होंने छात्रों से यह अपील कि है कि छात्र हड़ताल खत्म करें और कक्षाओं में पढ़ाई शुरू हो सके।








