modi shah
Modi and shah is making target to opposition party leaders through CBI and ED.

नयी दिल्ली। जब से मोदी सरकार पार्ट2 ने सत्ता संभाली ​है तभी से बीजेपी अपने राजनीतिक विरोधियों को निपटाने पर लगी है। सबसे पहला शिकार बनाया गया जम्मू कश्मीर के क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को। पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस और अन्य छोटे मोटे दलों को इस कदर ईडी और सीबीआई के जाल में फंसाया कि वो केन्द्र सरकार का विरोध करने के बजाय अपनी गर्दन बचाने प्रयास में जुट गये। रही सही कसर देश के गृहमंत्री ने धारा 370 के अनुच्छेद और 35 ए को संसद के दोनों सदनों में सहमति से हटवाया। इससे जम्मू कश्मीर के क्षेत्रीय दलों की सारी हेकड़ी ही निकल गयी। इसके अलावा एनडीए सरकार ने अपने विरोधी राजनीति दलों के प्रमुख नेताओं पर ईडी और सीबीआई को लगा दिया। ताजा मामला कर्नाटक के कांग्रेसी नेता और विधायक डीके शिव कुमार हैं जिन्हें ईडी ने अपने शिेंजे में लिया है। जल्द ​ही शिव कुमार की गिरफ्तारी भी हो सकती है। शाह ने अपने सबसे पुरान राजनीतिक दुश्मन और पूर्व गृहमंत्री व एफएम पी चिदंबरम को ईडी और सीबीआई के शिकंजे में ऐसा फंसाया कि उन्हें सीबीआई ने पिछले एक सप्ताह से रिमांड पर ले रखा है।

पिछले एक माह में सीबीआई और ईडी ने एनसीपी के शरद पवार, एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे, मायावती के भाई आनंद कुमार और सपा नेता आजम खान को अपने निशाने पर ले रखा है। मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश और मुलायम तो पहले से ही मोदी और शाह की आंख की किरकिरी बने हुए थे।

वहां पहले से ही राष्ट्रपति शासन लगा था यानी केन्द्र सरकार ने आधी बाजी पहले ही मार ली थी। बाकी वहां केन्द्र ने भारी तादाद में फौज और सीआरपीएफ भेज कर सभी राजनेताओं को हाउस अरैस्ट कर लिया। केन्द्र सरकार ने इस कदर साजिश रची कि विपक्षी कुछ भी कर पाने में सफल नहीं हुए। आज भी वहां काफी इलाकों में फौज और सुरक्षा बल गश्त कर रही है। 26 दिनों के बाद प्रमुख राजनेता घर में ही कैद हैं। सरकार इस बात का प्रचार कर रही है कि वहां सब अमन चैन है। कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है। देश के अंदर रह कर जो भी उसके खिलाफ आवाज उठायेगा उससे सख्ती से निपटा जायेगा।

मोदी ने पार्ट 2 में खास मंत्रालय अपने खास आदमी को सौपने का मन पहले से ही मन बना लिया था। इस लिये राजनाथ से होम लेकर उन्हें डिफेंस थमा दिया गया। होम उन्होंने अपने दायें हाथ यानी अमित शाह को दे दिया। यह सब आगे रणनीति के तहत किया गया था। मोदी को शायद यह लगा कि राजनाथ होम देखेंगे तो उनके मनमाफिक कड़े फैसले लेने में आनाकानी होगी। मोदी शाह की रणनीति थी धारा 370 और 35 ए को जम्मू कश्मीर से हटाना था। इसके बाद शाह का अगला शिकार कर्नाटक बना जहां कांग्रेस और जेडीएस की सरकार थी। शाह तो कर्नाटक में अपनी सरकार बनाने के लिये पहले दिन से ही बेकरार थे। लेकिन तब वहां उनकी दाल नहीं गली और कांग्रेस और जेडीएस ने तिकड़म लगाते हुए सरकार बना ली। कुछ समय बाद शाह की शह पर वर्तमान सीएम येदुरप्पा ने कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को धनबल और मंत्री पद का लालच दे कर बगावत पर अमादा कर दिया। इस प्रकार कांग्रेस और जेडीएस वाली कर्नाटक सरकार का पतन हो गया। इस प्रकार शाह की यह इच्छा भी पूरी हो गयी और कर्नाटक में एक बार फिर बीजेपी की सरकार बनी और येदुरप्पा सीएम।

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