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Attack by goons on Dy. CM Manish Sisodiya House in presence of Delhi Police

बुधवार 10 दिसंबर को आप नेता व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आवास में घुस कर कुछ गंडों ने पारिवारिक सदस्यों के साथ मारपीट की और गाली गलौज की। दिलचस्प बात यह है कि यह सब दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में हुआ। इन गुंडों को रोकने तक की सुरक्षा बल ने कोशिश नहीं की। जिस वक्त गुंडें घर पर उत्पात मचा रहे थे उस पर मनीष सिंसोदिया मौजूद नहीं थे। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह गुंडे भाजपा समर्थक थे जिन्हें दिल्ली पुलिस ने आवास में प्रवेश करने में मदद की। इसे साबित करने के लिये पार्टी प्रवक्ता और विधायक आतिशी ने एक वीडियो भी दिखाया जिसमे कुछ लोग सिसोदिया के आवास में प्रवेश करते दिखे जिन्हें पुलिस का सहयोग मिल रहा है। पुलिस की ड्यूटी होती है गुंडे बदमाशों पर काबू पायें और लोगों को सुरक्षा प्रदान करें। लेकिन यहां तो पुलिस मनीष सिसोदिया जी के घर में बदमाशों को दाखिल करने में सहयोग कर रही है। यह सब सोची समझी चाल के तहत अमित शाह जी के इशारों पर किया जा रहा है।
पिछले दो चार दिनों से दिल्ली पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध होती जा रही है। मालूम हो कि इससे पहले दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल सरकार से नौ स्टेडियम को जेल बनाने की अनुमति मांगी थी। लेकिन केजरीवाल ने उनकी बात नहीं मानी और किसानों के आंदोलन को समर्थ दे दिया। इससे केन्द्र सरकार व बीजेपी दिल्ली सरकार से बुरी तरह खुन्नस में आ गये हैं। ऐसे किसी मौके की तलाश होने लगी। किसान आंदोलन के देशव्यापी हड़ताल पूर्व केजरीवाल सिंघू बार्डर पर किसानों से मिलने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ पहंुचे। सीएम का कहना था कि वो दिल्ली सरकार की सुविधाओं का जायजा लेने गये थे। आंदोलन स्थल पर पानी, सफाई और सैनिटेशन की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार ने ले रखी है। उसके अगले दिन आठ दिसंबर को केजरीवाल किसानों के आंदोलन में जाने वाले थे ऐसा बताया जा रहा था। ऐसे में 8 दिसंबर की सुबह से दिल्ली ने अरविंद केजरीवाल को उनके सरकारी आवास में हाउस अरैस्ट कर लिया। सीएम से मिलने वाले जब मंत्री और विधायक आवास पर पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने से पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। यहां तक कि जब डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया केजरीवाल से मिलना चाहा तो उन्हें दिल्ली पुलिस ने उन्हें भी मिलने की इजाजत नहीं दी। लेकिन दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि सीएम को हाउस अरैस्ट नहीं किया है वो अपनी मर्जी से कहीं आ जा सकते है। लेकिन आम आदमी पार्टी के नेताओं और मंत्रियों ने सीएम आवास के वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाल दिये। दिल्ली पुलिस की असलियत जनता के सामने आ गयी। जनता को भी समझ में आने लगा कि केन्द्र सरकार के इशारों पर दिल्ली सरकार के मंत्रियों और आम आदमी पार्टी के नेताओं का उत्पीड़न करने से नहीं चूक रही है।

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