आखिरकार भाजपा अध्यक्ष ने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया। उनकी जगह अब दिल्ली भाजपा की कमान आदेश गुप्ता संभालेंगे। मनोज तिवारी के लिये यह बदलाव काफी बड़ा झटका माना जा रहा है। वैसे मनोज तिवारी का हटना तय हो गया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव मे भाजपा की करारी हार होने के बाद से ही यह अनुमान लगाया जा रहा था कि ऐसा होने वाला है। लेकिन चुनाव के कुछ समय बाद देश में कोरोना का कहर छाया रहा। दो माह के लॉक डाउन लग जाने से यह कार्रवाई कुछ दिनों के लिये थम गयी थी। लेकिन अनलॉक होने के एक दिन बाद ही मनोज तिवारी की अध्यक्ष पद से छुट्टी कर दी गयी।
मनोज तिवारी के अध्यक्ष पद पर बैठाने के पीछे भाजपा का एक मकसद दिल्ली में सरकार बनाने का था। लेकिन मनोज तिवारी भाजपा की सरकार दिल्ली में बनवाने में सफल नहीं रहे। मनोज तिवारी को दिल्ली की बागडोर इसलिये दी गयी कि दिल्ली में काफी संख्या में बिहारी वोटर्स रहते हैं उनको रिझाने के लिये भोजपुरी फिल्मों के हीरो और गायक मनोज तिवारी को ​अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन तिवारी भाजपा की मंशा के अनुरूप खरे नहीं उतरे। दिल्ली के सीएम केजरीवाल के आगे कहीं भी अपने आप को खड़ा कर सके। भाजपा की दिल्ली में चुनाव हारने की एक वजह यह भी रही कि वो अपना मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं घोषित कर पाये। कुछ दिनों तक यह हवा फैलायी गयी कि मनोज तिवारी दिल्ली के सीएम हो सकते हैं। लेकिन बाद में कोई भी चेहरा नहीं बनाया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि दिल्ली में तीसरी बार भाजपा को आप के हाथों करारी हार खानी पड़ी।
वैसे मनोज तिवारी अपने बयानों के लिये भी चर्चा में रहते थे। उन्होंने दिल्ली चुनाव के दौरान यह बयान दिया कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने जा रही है। परिणाम वाले दिन भी तिवारी ने प्रेसवार्ता के दौरान यह कहा कि ​उनके 45 विधायक जीत कर आ रहे हैं। मेरे इस बयान को आप संभाल कर रखना। इस बात पर उनकी काफी किरकिरी हुई थी। चुनाव के दौरान प्रचार करते समय यह कहा कि उनकी सरकार बनने पर दिल्लीवासियों को पांच गुना ज्यादा सुविधायें दी जायेंगी। लेकिन मतदाताओं ने उनकी बातों पर विश्वास न करते हुए केजरीवाल की बातों पर विश्वास किया। 2017 में उन्होंने शिक्षक दिवस पर एक सरकारी महिला शिक्षक को बुरी तरह डांटते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई करने के आदे​श दिये थे। सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर मनोज तिवारी जमकर क्लास लगायी गयी थी। तिवारी के बड़बोलेपन पर पार्टी के दिग्गज नेता भी कई बार उन्हें टाइट कर चुके हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here