Kejriwal-Alkaa-Lamaba
Aam Admi Party MLA raised her voice against Kejriwal

नयी दिल्ली। पिछले एक साल से आम आदमी पार्टी की विधायक अल्का लांबा काफी सुर्खियाबठोर चुकी हैं। पाटी के अंदर भी और बाहर भी। उनके निशाने पर पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ही रहते हैं। वो ऐसे ऐसे आरोप लगा चुकी है जिससे पूरी पार्टी उनके खिलाफ हो चुकी है। पिछली बार उन्होंने यह आरोप लगाया था कि केजरीवाल विधायकों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। लेकिन इस बार जैसे ही 23 तारीख को लोकसभा के चुनाव परिणाम आये उन्होंने संयोजक केजरीवाल से पार्टी की हार के बारे में सवाल दाग दिये। उसका क्विक रिस्पांस यह आया कि उनको पार्टी विधायकों के व्हाट्सअप ग्रुप से ही निकाल दिया गया है।
अब अल्का मीडिया में यह कहती फिर रही हैं कि उन्होंने लोकसभा चुनाव में पार्टी के हार के कारण ही तो संयोजक से पूछे थे। इसमें क्या गलत था। सबसे बड़ी बात तो यह है कि वो कोई मसला मीडिया पर डिस्कस करती हैं। चुनाव से पहले भी उन्होंने सार्वजनिक तौर पर दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में लोगों से यह पूछा था कि उन्हें पार्टी छोड़ देनी चाहिये या नहीं। उनके इस बयान से नाराज पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भरद्वाज साफ कह दिया कि पार्टी छोड़नी है तो छोड़ ​दीजिये सुना किसे रही हैं। उस समय आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की बात चल रही थी। अल्का लांबा ने कांग्रेस के गठबंधन पर अपनी खुशी जाहिर की थी। काग्रेस के बड़े नेता ने कहा था कि अल्का एक तेज तर्रार नेता हैं वो कांग्रेस की नेता रह चुकी हैं। अगर वो कांग्रेस में आना चाहें तो उनका स्वागत है। कांग्रेस में अच्छे लोगों के लिये दरवाजे सदा खुले रहते हैं। तभी से आम आदमी पार्टी में अल्का लांबा के प्रति लोगों ने मोर्चाबंदी शुरू कर दी थी। लोक सभा चुनाव के दौरान भी उनका कोई योगदान नहीं लिया गया था। केजरीवाल के रोड शो के दौरान भी अल्का लांबा ने मीडिया में बयान दिया कि उन्हें पार्टी में नजर अंदाज किया जा रहा है।
नये विवाद के कारण पार्टी अल्का के रोज रोज के नाटक से काफी रोष व्याप्त है। ऐसे में अल्का ने यह कह दिया कि 2020 में पार्टी से नाता तोड़ लूंगी।

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