Anil Ghanwat On MSP: हाल में पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानून को वापस लेने का एलान किया है लेकिन बावजूद इसके किसान आंदोलन जारी है और एमएसपी पर कानून की मांग कर रहे है. लेकिन कृषि कानून पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई कमिटी के सदस्य अनिल घनवट इसका विरोध कर रहे हैं. अनिल घनवट खुद भी किसान संघटन शेतकरी संघटन से हैं. उनके मुताबिक एमएसपी पर कानून बनने से किसानों को नुकसान होगा. वहीं तीनों कृषि कानून वापस नहीं लेना चाहिए था, उनमें सुधार किया जा सकता था. 

”एमएसपी पर कानून से फायदा नहीं”

कृषि कानून पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई कमिटी के सदस्य अनिल घनवट ने एबीपी न्यूज के साथ बातचीत में कहा कि आज लगता है किसानों को कुछ आश्वासन मिलेगा लेकिन इससे फायदा नहीं होगा क्योंकि सरकार की आर्थिक हालत खराब है. ऐसे में सरकार फसल खरीद नहीं कर पाएगी और अगर ओपन मार्केट में दाम एमएसपी से नीचे गिरते हैं और कानून बनता है तो प्राइवेट ट्रेडर अभी इसे नहीं खरीदेंगे तो किसान फिर किसे माल बेचेगा. और फिर यह भी हो सकता है फिर किसान वही फसल उगाएगा जिसमें ज्यादा पैसा मिलता है जैसे पंजाब में सिर्फ गेहूं और चावल उगा रहे हैं.  देश के पास इतना अनाज है कि उसका क्या करना है यह देखना होगा. इस से अच्छा है कि हमें आजादी दे दे जो एमएसपी का सिस्टम है उसे चलने दीजिए लेकिन open-ended  की बजाए रिजर्व की जरूरत है. उतना ही खरीदें और बाकी खुले बाजार में बेचने की इजाजत दी जाए. 

अब कोई कानून या रिफॉर्म आएगा? 

कृषि कानून पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई कमिटी के सदस्य अनिल घनवट से जब पूछा गया कि आप को लगता है कि कृषि कानूनों के वापस लेने के बाद अब कोई कानून या रिफॉर्म आएगा? अनिल घनवट ने कहा कि कानून तो वापस लिए गए लेकिन रिफॉर्म की जरूरत है क्योंकि जिस तरह से सिस्टम है इस देश में कृषि को लेकर किसान खुदकुशी करने को लेकर मजबूर है. जब भी किसानों को दो पैसे मिलने की स्थिति तैयार होती है तब सरकार अपना पैर अड़ा देती है कभी स्टॉक लिमिट लगाती है तो कभी एक्सपोर्ट पर बैन लगा देती है कई बार इंटरेस्ट ट्रेड को भी बंद कर दिया जाता है. यह सब गलत है इसे बदलना चाहिए फिर से इसके लिए कानून होना चाहिए. 

क्या अपनी मांग को लेकर आप भी कोई आंदोलन करेंगे? 

अनिल घनवट ने कहा कि जो विरोध कर रहे थे उनको अपनी ताकत दिखाने का मौका हमने दिया उनके खिलाफ अपनी ताकत ना कभी प्रदर्शन नहीं किया, वह भी हमारे भाई हैं और हम उनकी बात रखने का हक है यह मानते हैं, लेकिन अब जब कानून वापस हो गया है तो जो रिपोर्ट चाहते हैं जो किसानों के लिए अच्छे हैं उनको हम कहेंगे कि यह बात रखने के लिए दिल्ली आ जाओ और दो-तीन महीने में हम जितने भी किसान हैं उनको लेकर दिल्ली आ जाएंगे अपनी बात रखने के लिए 1 दिन का कार्यक्रम करेंगे. 

आपके हिसाब से एमएसपी पर कानून लाना ठीक नही है? 

अनिल घनवट ने कहा कि MSP का कानून आता है तो नुकसान होगा. किसानों के लिए महाराष्ट्र में इस तरह का प्रयोग हो चुका है जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे उन्होंने इस तरह का कानून बनाया था लेकिन जब दाम उससे ज्यादा गिर गए तब व्यापारियों ने कहा कि हम नहीं खरीदेंगे क्योंकि कानून है कहीं और जाकर बेचिए. जिसके बाद एक फॉर्म बनाया गया कि किसान ने उस फॉर्म को भर दिया और उसने कहा कि मेरा माल अभी इतना चाहता हूं तो इस तरह से कानून का फायदा नहीं होगा नुकसान होगा. 

तीनों कृषि कानून वापस लेना ठीक था? 

कृषि कानून पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई कमिटी के सदस्य अनिल घनवट ने कहा कि यह तीनों कानून वापस लेना नहीं चाहिए था यह गलत था. उसमें सुधार की जरूरत थी मैं यह नहीं कहता कि बहुत अच्छे थे लेकिन उसमें सुधार किया जा सकता था.

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