फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत इन दिनों अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने महात्मा गांधी और स्वतंत्रता आंदोलन को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर अन्नदाताओं को कथित तौर पर खालिस्तानी करार दिया था। उनके इस बयान का काफी विरोध भी हुआ। अब उनके बयान को लेकर उनके खिलाफ मुंबई में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।

इससे पहले सिखों के एक संगठन ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सिख समुदाय के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए मुंबई में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर कंगना को दिया गया पद्मश्री सम्मान वापस लेने का भी आग्रह किया था। 

तीन कृषि कानूनों को वापस लेने से नाखुश कंगना रनौत
कंगना रनौत ने हाल में अपनी इंस्टा स्टोरी पर तीन पोस्ट किए हैं। कंगना ने पहले पोस्ट में एक ट्वीट के जवाब में लिखा, ‘यदि धर्म बुराई पर विजय प्राप्त करता है, तो वह उसे पोषण देता है। यदि बुराई धर्म पर विजय प्राप्त करती है तो वो भी बुराई बन जाती है। गलत का साथ देना आपको भी गलत बना देता है।’ बता दें कि इस ट्वीट में पीएम मोदी के फैसले का समर्थन किया गया था।

खालिस्तानी आतंकवादी…
वहीं इसके बाद अपनी इंस्टा स्टोरी में कंगना रनौत ने आगे लिखा, ‘खालिस्तानी आतंकवादी आज भले ही सरकार का हाथ मरोड़ रहे हों, लेकिन उस महिला को मत भूलना। एकमात्र महिला प्रधानमंत्री ने इनको अपनी जूती के नीच कुचल दिया था। उसने इस देश को कितनी भी तकलीफ दी हो…।’





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