31 मार्च को खत्म तिमाही के नतीजे HDFC ने सोमवार को जारी कर दिए। मार्च 2020 तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 22 फीसदी घटकर 2233 करोड़ रुपए रह गया। यह पिछले साल की इसी तिमाही के 2862 करोड़ रुपए के मुकाबले कम रहा है। 31 मार्च 2020 तक HDFC का ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग लोन 8908 करोड़ रुपए था। यह कंपनी के लोन पोर्टफोलियो का 1.99 फीसदी है। वहीं जस्ट डायल और बाटा को फायदा हुआ है।
HDFC ने सोमवार को अपनी चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी के बोर्ड ने डिविडेंड देने का फैसला किया है। कंपनी ने 21 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से डिविडेंड देने का फैसला किया है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी का डिविडेंड इनकम 537 करोड़ रुपए थी जो इस बार 2 करोड़ रुपए रही। इस दौरान निवेश बेचने से कंपनी को 2 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 321 करोड़ रुपए थी।
यह भी पढ़ें: 10000 रुपये महीना पेंशन पाने का आज से फिर मिल रहा मौका
होम लोन देने वाली इस कंपनी ने अपने नतीजों में बताया है कि कोरोनावायरस महामारी की वजह से उसे 1274 करोड़ रुपए की प्रोविजनिंग करनी पड़ी है। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी ने 398 करोड़ रुपए की प्रोविजनिंग की थी।
बाटा इंडिया को चौथी तिमाही में 38 करोड़ रुपये का लाभ
जूते बनाने वाली प्रमुख कंपनी बाटा इंडिया लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ जनवरी-मार्च तिमाही में 56.68 प्रतिशत गिरकर 38.40 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 88.66 करोड़ रुपये था। शेयर बाजार को दी सूचना के मुताबिक समीक्षावधि में कंपनी की परिचालन से आय 8.77 प्रतिशत घटकर 620.57 करोड़ रुपये रही। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी की आय 680.23 करोड़ रुपये थी।
2019-20 के लिए कंपनी का शुद्ध लाभ 328.95 करोड़ रुपये
कोविड-19 लॉकडाउन की वजह से कंपनी के परिचालन पर असर पड़ा है। इस वजह से उसकी आय घटी है। इस दौरान कंपनी का कुल व्यय 3.81 प्रतिशत टूटकर 579.46 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 602.46 करोड़ रुपये था। पूरे वित्त वर्ष 2019-20 के लिए कंपनी का शुद्ध लाभ 328.95 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 328.99 करोड़ रुपये था। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप कटारिया ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से उसके खुदरा स्टोर बंद रहे। अन्यथा कंपनी को साल के अंत तक लाभ में वृद्धि की उम्मीद थी। कंपनी अपने ई-वाणिज्य कारोबार को बढ़ा रही है और 1,300 से अधिक शहरों में डिलिवरी को बढ़ा रही है। कंपनी ने व्हाट्सएप से भी बिक्री की शुरुआत की है।
जस्ट डायल को चौथी तिमाही में 76.1 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ
लोगों को स्थानीय स्तर पर सर्च इंजन जैसी सुविधाएं देनी वाली कंपनी जस्ट डायल का एकीकृत शुद्ध लाभ जनवरी-मार्च तिमाही में 21.6 प्रतिशत बढ़कर 76.1 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 62.5 करोड़ रुपये था। शेयर बाजार को दी जानकारी के अनुसार समीक्षावधि में कंपनी की परिचालन से आय 1.2 प्रतिशत बढ़कर 234.9 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 232.3 करोड़ रुपये था।
यह भी पढ़ें: कोरोना संकट के बाद बदल जाएगी वाहन उद्योग की तस्वीर
कंपनी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते देशव्यापी लॉकडाउन से उसका कारोबार प्रभावित हुआ है। कंपनी ने कहा कि 23 मार्च को उसने भी अपने कार्यालय बंद कर दिए थे और कर्मचारियों को घर से कार्य की सुविधा दी थी। लॉकडाउन नियमों में हाल में दी गयी ढील के बाद उसने सीमित कर्मचारियों के साथ कार्यालय फिर खोलने शुरू किए हैं।कंपनी के निदेशक मंडल ने 30 अप्रैल 2020 को 220 करोड़ रुपये तक 31,42,857 शेयर की पुनर्खरीद को मंजूरी दे दी। इसके लिए प्रति शेयर अधिकतम कीमत 700 रुपये तय की गयी है।







