जम्मू-कश्मीर में निहत्थे नागरिकों की जान लेने वाले दशहतगर्दों का सुरक्षाबल खात्मा कर चुके हैं। हाल ही में आम नागरिकों की हत्या करने वाले 20 से अधिक आतंकवादी मारे जा चुके हैं। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि नागरिकों की हत्या के बाद दर्जनों सफल ऑपरेशन हुए हैं, जिनमें 20 से अधिक आतंकी मारे गए हैं। नागरिकों की हत्या में शामिल सभी आतंकवादी मारे जा चुके हैं। केवल एक बसित बचा हुआ है, जिसकी तलाश चल रही है।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की ओर से हैदरपोरा एनकाउंटर पर सवाल उठाए जाने पर डीजीपी ने कहा, ”कुछ लोग हैं जो वास्तविकता जानते हैं, लेकिन कुछ ऐसा कहने की कोशिश करते हैं, जो सच्चाई से अलग है। कुछ लोग हैं जो हत्यारों को निर्दोष के रूप में देखते हैं।” उन्होंने आगे कहा, ”एसआईटी का गठन किया गया है, लेकिन मैं पूरे अधिकार से यह कह सकता हूं कि पुलिस पेशेवर काम कर रही है और हमारे अधिकारी ऑपरेशन करना जानते हैं। जांच जारी है, जो बता रहा है कि एक आतंकवादी और आतंकी नेटवर्क है, जो समर्थन कर रहा है।” 

रामबाग मुठभेड़ पर महबूबा ने उठाए सवाल 
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बृहस्पतिवार को कहा कि शहर के रामबाग इलाके में हुई मुठभेड़ को लेकर ‘जायज शक पैदा हो रहे हैं” जिसमें पुलिस ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया था।  अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में हाल में आम नागरिकों की हत्या के मामले में वांछित ‘द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ)’ आतंकवादी संगठन के एक स्वयंभू कमांडर समेत तीन आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने बुधवार को मार गिराया था। महबूबा ने ट्वीट किया, ”कल रामबाग में हुई कथित मुठभेड़ के बाद उसकी प्रामाणिकता को लेकर जायज शक पैदा हो गए हैं।” पीडीपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि खबरों और चश्मदीदों के मुताबिक ”ऐसा लगता है कि गोलीबारी एकतरफा थी।” जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,”एक बार फिर आधिकारिक बयान जमीनी हालात से मेल नहीं खाता जैसा कि शोपियां, एचएमटी और हैदरपोरा में देखा गया था।”



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here