बदले समय के साथ-साथ कई चीजें बदल रही हैं. ऐसे ही बदलाव का एक उदाहरण हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती के आए नतीजे जिसमें पहली बार 13 किन्नर पुलिस आरक्षक बनेंगे। इसके लिए थर्ड जेंडर प्रतिभागियों के नाम जारी किए गए हैं। बीते सोमवार को 2 हजार 259 पदों पर पूरे राज्य से लोगों को चुना गया। ऐसा माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य है जहां इतनी  संख्या में किन्नरों को पुलिस में शामिल किया गया है।

इनमें 2 किन्नरों को पहले वेटिंग लिस्ट में रख गया था। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने ट्विटर पर इन्हें बधाई देते हुए कहा, रायपुर रेंज पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस परीक्षा में तृतीय लिंग समुदाय के 13 उम्मीदवारों का पुलिस आरक्षक पद पर चयन हुआ है और दो उम्मीदवार वेंटिंग लिस्ट में हैं।  इस उपलब्धि के लिए सभी चयनित उम्मीदवारों को बधाई एवं ढेर सारी शुभकामनाएं।”

 

पुलिस के डायरेक्टर जनरल डीएम अवस्थी ने भी सभी को बधाई दी. सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य है जहां इस संख्या में थर्ड जेंडर के लोगों की नियुक्ति की गई है।

चुनी गईं 25 साल की नैना सोरी कहती हैं कि उनके लिए गलियों नें चलना मुश्किल था।भीख मांगना और रोजाना उत्पीड़न सहना. वो कहती हैं, मैंने जीवन में कुछ अच्छा करने का सपना देखा था, लेकिन हमेशा लगता था कि मैं इसके लायक नहीं हूं। मैने हायर सेंकेडरी तक की पढ़ाई की है लेकिन कभी कोई ढंग की नौकरी नहीं मिल पाई. मुझे कहीं स्वीकार नहीं किया गया। लोग मेरे साथ ऐसा बर्ताव करते थे जैसे मैं किसी और ग्रह की लगती हूं।

छत्तीसगढ़ में चुने गए थर्ड जेंडर प्रतिभागियों में रायपुर की दीपिका यादव, निशु क्षत्रिय, शिवन्या पटेल, नैना सोरी, सोनिया जंघेल, कृषि तांडी एवं सबुरी यादव, बिलासपुर के सुनील एवं रुचि यादव, धमतरी जिले से कोमल साहू, अंबिकापुर से अक्षरा, राजनांदगांव जिले से कामता, नेहा एवं डोली शामिल हैं। गौरतलब हो कि जारी किए गए परिणामों में चुने गए पुरुष प्रतिभागियों की संख्या 1736, चुनी गई महिला प्रतिभागियों की 289 और चुने गए ट्रांसजेंडरों की संख्या 13 है।





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