Edited By Naveen Kumar Pandey | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में कई बड़े फैसले।
हाइलाइट्स

  • 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के तहत कई योजनाओं पर कैबिनेट की लगी मुहर
  • केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में पीएम मत्स्य संपदा योजना से लेकर पीएम वय वंदना योजना तक पर हुए फैसले
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि इन फैसलों से देश के कई नागरिकों को फायदा होगा

नई दिल्ली

केंद्रीय कैबिनेट ने कोरोना संकट के मद्देनजर घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और कई प्रस्तावों और योजनाओं को हरी झंडी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि आज की कैबिनेट मीटिंग के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। उन्होंने कहा, ‘ये फैसले प्रवासियों, वरिष्ठ नागरिकों, कर्ज की आसान उपलब्धता, मत्स्य पालन के क्षेत्र में अवसरों को भुनाने पर केंद्रित हैं। ये फैसले कई नागरिकों को फायदा पहुंचाएंगे।’

मत्स्य प्लान क्षेत्र में आएगी क्रांति

मोदी ने मंत्रिमंडल की मीटिंग में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना पर लिए गए फैसले की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह योजना मत्स्य पालन के क्षेत्र में क्रांति लाएगा। उन्होंने कहा, ‘योजना के तहत अत्याधुनिक तकनीक और आधारभूत ढांचे का विकास होगा, वहीं वित्तीय सहायता भी मुहैया कराई जाएगी।’

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी है। योजना का उद्देश्य नीली क्रांति के माध्यम से देश में मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत और जवाबदेह विकास को सुनिश्चित करना है। कुल 20,050 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली यह योजना, केन्द्रीय योजना और केन्द्र प्रायोजित योजना के रूप में लागू की जाएगी। इसमें केन्द्र की हिस्सेदारी 9,407 करोड रुपए, राज्यों की हिस्सेदारी 4,880 करोड़ रुपए तथा लाभार्थियों की हिस्सेदारी 5,763 करोड रुपए होगी। इस योजना को वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्षों की अवधि में लागू किया जाएगा।

पीएम ने कहा, ‘हमारे कठोर परिश्रमी मछुआरों को इसका भरपूर लाभ मिलेगा।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लेकर लिया गया फैसला आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी बल देगा।

केंद्र से यूपी-बिहार को सबसे अधिक पैसे, लिस्ट

इन योजनाओं को भी हरी झंडी

कैबिनेट ने आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की शुरुआत कर तीन लाख करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त फंडिंग, एनबीएफसी/एचएफसी की नकदी की समस्या के समाधान के लिए विशेष नकदी योजना, प्रवासियों/फंसे हुए प्रवासियों के लिए खाद्यान्नों के आवंटन के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज को स्वीकृति दी।

खुशखबरी: रेलवे स्टेशनों पर खुलेंगे फूड-बुक स्टॉल

तीन साल बढ़ी पीएम वय वंदना योजना

इनके अलावा, केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के विस्तार को स्वीकृति दी। इसके तहत 31 मार्च 2020 से अगले तीन वर्षों यानी 31 मार्च 2023 तक प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई) का विस्तार किया गया है।

पढ़ें: सरकार ने पीएम वय वंदना योजना की अवधि बढ़ाई



फूड प्रॉसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा

कैबिनेट ने सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को औपचारिक रूप देने की योजना को भी स्वीकृति दी। साथ ही, मौजूदा आंशिक ऋण गारंटी योजना में संशोधन को भी कैबिनेट की मंजूरी दी गई। इसके तहत इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा माइक्रो फाइनैंसिंग कंपनियों, सार्वजनिक बैंकों, हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों और नॉन-बैकिंग फाइनैंस कंपनियों (NBFC) द्वारा एक वर्ष तक के मैच्योरिटी पीरियड वाले हाई रेटिंग तथा बिना रेटिंग वाले क्रेडिट इंस्ट्रूमेंट खरीदने पर पहली बार होने वाले 20 प्रतिशत तक के नुकसान की भरपाई की गांरटी की व्यवस्था की गई है।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here