केरल के बाद अब महाराष्ट्र में भी जीका वायरस की एंट्री हो गई है। महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बताया कि राज्य में जीका वायरस का पहला मामला मिला है। पुणे जिले की पुरंदर तहसील में 50 साल की एक महिला इस वायरस से संक्रमित मिली है। मरीज का इलाज किया जा रहा है और ठीक हो रहा है। वहीं, केरल में जिका वायरस के अभी तक 63 वायरस सामने आ चुके हैं। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शनिवार को बताया कि राज्य में दो और लोगों में जीका वायरस की पुष्टि हुई है। इसी के साथ राज्य में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 63 पहुंच गया है। केरल में फिलहाल जीका वायरस के तीन एक्टिव केस हैं।

जीका वायरस फ्लाविविरिडए वायरस फैमिली से है। यह मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। जीका वायरस के लक्षण चिकनगुनिया की तरह ही होते हैं। दिन में एडीज मच्छर के समय काटने से यह रोग फैलता हैं। आम तौर पर जीका वायरस से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं नहीं होती हैं। इस वायरस से संक्रमित रोगियों को ज्यादा से ज्यादा आराम करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, यदि वायरस गर्भवती महिलाओं को संक्रमित करता है, तो इसका परिणाम जन्म दोष हो सकता है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, जीका वायरस एक मच्छर जनित फ्लेविवायरस है। जिसे पहली बार 1947 में युगांडा में बंदरों में पहचाना गया था। इसे बाद में 1952 में युगांडा और संयुक्त गणराज्य तंजानिया में मनुष्यों में पहचाना गया। जीका वायरस का प्रकोप अफ्रीका, अमेरिका, एशिया और प्रशांत में दर्ज किया गया है।



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