कोरोना से बदलते वैश्विक परिवेश में निवेशकों को महाराष्ट्र बुलाने के लिए सरकार ने बनाई टास्क फोर्स

उद्योग शुरू करने की स्थिति में आवश्यक विभिन्न लाइसेंसों की संख्या कम करके एक लाइसेंस विंडो सिस्टम शुरू करने की बात भी की जा रही है. उम्मीद की जा रही है किससे महाराष्ट्र में उद्योगों को नई शुरुआत मिलेगी.

मुंबई: कोरोना के चलते वैश्विक स्तर पर देखने को मिला है कि दुनिया भर के देशों में चीन को लेकर गुस्सा है. हर देश चीन से अपने प्लांट को हटाने की बात कर रहे हैं. चीन दुनिया की उत्पादन की फैक्ट्री है ऐसे में इस मौके का सदुपयोग हर कोई करना चाहता है. महाराष्ट्र भारत की आर्थिक उन्नति का इलाका है मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है ऐसे में निवेशकों को महाराष्ट्र में आकर्षित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टास्क फोर्स महाराष्ट्र सरकार की तरफ से बनाई गई है.

इस टास्क फोर्स में अधिकारी अमेरिका जापान ताइवान जर्मनी जापान इंग्लैंड और दूसरे देशों से उद्योगपतियों और उनके प्रतिनिधियों से लगातार बातचीत कर रहे हैं. महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने यह भी बताया है कि विदेशी निवेशकों के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में 40 हज़ार हेक्टेयर भूमि आरक्षित की जा रही है.

दुनिया के बदलते आर्थिक मॉडल के बीच उद्योग मंत्री ने संभावना जताई है कि देश में फार्मा कंपनियों के भविष्य राज्य में निवेश करने की संभावना ज्यादा है.इसी के तहत औद्योगिक क्षेत्र में फार्मा कंपनियों के लिए विशेष नीति तैयार की जाएगी इन सब तैयारियों के बीच देश में श्रमिकों की कमी ना हो इसलिए उद्योग श्रम और कौशल विकास विभाग अपनी तरफ से एक श्रम ब्यूरो की स्थापना करने जा रहा है. कोशिश यह रहेगी कि कम समय में श्रमिकों को प्रशिक्षित किया जा सके अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह नए निवेश भारत में खासतौर पर महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में कुशल अकुशल श्रम के लिए रोजगार शुरू करेंगे.

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