देश में कोरोना की रफ्तार बढ़ती जा रही है। रोजाना होने वाली जांच से यह संकेत मिलता है। बीते 24 घंटे के दौरान जितने नमूनों की जांच की गई, उनमें से करीब 8.6 फीसदी पॉजिटिव निकले हैं। एक महीने के भीतर इसमें तीन फीसदी का इजाफा हुआ है।

आईसीएमआर के अनुसार, बीते चौबीस घंटों के दौरान कुल 2 लाख 31 हजार 095 नमूनों की जांच हुई है, जिसमें से 19 हजार 906 पॉजिटिव निकले हैं। यह दर 8.6 फीसदी है। यदि 21 जून के आंकड़े देखें, तो उस दिन कुल 1,90,730 नमूनों की जांच हुई, जिसमें से 15,413 नमूने पॉजिटिव निकले। तब पॉजिटिव नमूनों का प्रतिशत 8.1 फीसदी था।

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इसी प्रकार 16 जून को 1,54,935 नमूनों की जांच हुई और 10,667 पॉजिटिव निकले थे। पॉजिटिव होने का प्रतिशत तब 6.9 फीसदी था। इसी तरह दो जून को 1,28,868 नमूनों की जांच हुई थी, जिसमें 8,171 मामले पॉजिटिव थे। तब नमूनों के पॉजिटिव होने की दर 6.3 फीसदी के करीब थी। यह ट्रेंड दिखाता है कि संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

28 मई को देश में संक्रमितों की कुल संख्या 1 लाख 58 हजार 333 थी
आईसीएमआर एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों को देखें तो ठीक एक महीने पहले 28 मई को एक दिन में 1,19,976 नमूनों की जांच की गई थी। इनमें 6,566 संक्रमित पाए गए थे। तब नमूनों के पॉजिटिव होने की दर 5.5 पाई गई थी। यानी एक महीने के भीतर इस दर में 3.1 फीसदी का इजाफा हुआ है, जो चिंताजनक रुझान है। यदि अब जांच और कुल संक्रमितों को आंकड़ों में देखें तो 28 मई को देश में संक्रमितों की कुल संख्या 1,58,333 थी, लेकिन आज यह बढ़कर 5,28,859 तक पहुंच गई है।

नमूने पॉजिटिव होने की दर तीन फीसदी बढ़ी है, लेकिन संक्रमितों की संख्या में यह बढ़ोत्तरी 234 फीसदी की हुई है। खास बात यह है कि लॉकडाउन के दौरान नमूनों के पॉजिटिव होने की दर चार फीसदी के करीब स्थिर रही थी, लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद यह दोगुनी से भी ज्यादा हो गई। अभी भी इसमें बढ़ोतरी का रुझान जारी है।





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