New Varient in South America: एक तरफ जहां देश में कोरोना संक्रमण (Corona Virus) की रफ्तार कम हुई है वहीं दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका (South Africa) में कोरोना वायरस का एक और वेरिएंट (New Varient) पाया गया है. इस वैरिएंट के सामने आने के बाद दक्षिण अफ्रीका की सरकार निजी लेबोरेट्रीज के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर इस वैरिएंट से संक्रमित लोगों की खोजबीन कर रही है. वहीं अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) दक्षिण अफ्रीका में पाए गए एक नए कोविड​​​​-19 संस्करण की चिंताओं के बीच एक विशेष बैठक करेगा.

WHO के लिए COVID-19 तकनीकी लीड मारिया वान केरखोव ने गुरुवार को एक लाइवस्ट्रीम प्रश्नोत्तर सेशन के दौरान कहा, “वायरस के विकास पर हमारा तकनीकी सलाहकार समूह दक्षिण अफ्रीका में हमारे सहयोगियों के साथ इस पर चर्चा कर रहा है.” 

उन्होंने कहा कि कल हम वायरस के इस नए वेरिएंट को देखते हुए बैठक कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “हम इस पर चर्चा करने के लिए एक विशेष बैठक बुला रहे हैं, हम बैठक में कई साइंटिस्ट के साथ बैठेंगें और नए वेरिएंट के बारे में बातचीत करेंगे. बैठक में जानने की कोशिश करेंगे की नए वैरिएंट के आने का क्या मतलब है?” 

नए वेरिएंट के बारे में ज्यादा जानने की जरूरत

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को पता है कि नया संस्करण, जिसे बी.1.1.529 के नाम से जाना जाता है, में बहुत सारे म्यूटेशन हैं, लेकिन वे अभी भी इसके बारे में ज्यादा जानने की कोशिश कर रहे हैं. उसने समझाया कि अगर अधिकारियों को लगता है कि यह चिंता का एक प्रकार है, तो वे इसकी निगरानी करना जारी रखेंगे और इसे ग्रीक नाम देंगे. 

वहीं दूसरी तरफ भारत सरकार ने गुरुवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना से आने वाले या इन देशों के रास्ते आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग और जांच की जाए. इन देशों में कोविड-19 के गंभीर जनस्वास्थ्य प्रभावों वाले नये वेरिएंट सामने आने की सूचना है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव अथवा सचिवों (स्वास्थ्य) को लिखे पत्र में, उनसे यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि संक्रमित पाये गए यात्रियों के नमूने तुरंत जांच के लिए भेजे जाएं.

नए स्ट्रेन में काफी ज्यादा संख्या में म्यूटेशन होने की जानकारी

भूषण ने पत्र में कहा है कि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) द्वारा अब यह सूचित किया गया है कि बोत्सवाना (3 मामले), दक्षिण अफ्रीका (6 मामले) और हांगकांग (1 मामले) में कोविड-19 के स्वरूप बी.1.1529 के मामले सामने आए हैं. भूषण ने कहा, ‘‘इस नए स्ट्रेन में काफी ज्यादा संख्या में म्यूटेशन होने की जानकारी है. वीजा पाबंदियों में हाल की ढील और अंतरराष्ट्रीय यात्रा खोलने के मद्देनजर इसका देश के लिए गंभीर जनस्वास्थ्य प्रभाव है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए यह अनिवार्य है कि इन देशों (वे भारत आने वाले उन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में शामिल हैं जो ‘‘जोखिम’’ वाले देशों से हैं) से आने वाले और इन देशों के रास्ते आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और मंत्रालय द्वारा दिनांक 11 नवंबर 2021 को जारी संशोधित अंतरराष्ट्रीय आगमन दिशानिर्देश में उल्लेखित अन्य सभी देशों के यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग और जांच की जाए.’’

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार इन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के संपर्क में आये व्यक्तियों पर भी नजर रखी जानी है और जांच की जानी है. पत्र में कहा गया है, ‘‘आपसे यह भी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाता है कि इस मंत्रालय द्वारा 15 जुलाई, 2021 को जारी किए गए आईएनएसएसीओजी दिशानिर्देश दस्तावेज के अनुसार संक्रमित आने वाले यात्रियों के नमूने तुरंत निर्दिष्ट आईजीएसएलएस भेजे जाएं.’’

अबतक चार वेरिएंट है चिंता का विषय

बता दें कि फिलहाल WHO के अनुसार कोरोना वायरस के सिर्फ चार वैरिएंट का “चिंता का वैरिएंट” के रूप में माना गया है. ये वैरिएंट हैं – अल्फा (B.1.1.7, तथाकथित ‘यूके वेरिएंट’), बीटा (B.1.351, तथाकथित ‘ दक्षिण अफ्रीका वेरिएंट’), गामा (P.1, तथाकथित ‘ब्राजील वेरिएंट’) और डेल्टा (B.1.617.2).

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