राजधानी दिल्ली को भयावह प्रदूषण से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। सफर का अनुमान है कि रविवार और सोमवार को हवा की रफ्तार अपेक्षाकृत तेज होने के चलते प्रदूषण के स्तर में गिरावट होगी। राजधानी दिल्ली की हवा में अभी तीन गुने से ज्यादा प्रदूषण मौजूद है। शनिवार को दिल्ली के आठ इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के अंक से ऊपर रहा, वहीं औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 374 के अंक पर रहा। 

दिल्ली के लोग दिवाली के बाद से ही जहरीली हवा में सांस लेने के लिए मजबूर हैं। इस दौरान ज्यादातर समय दिल्ली की वायु गुणवत्ता गंभीर या बेहद खराब श्रेणी में रही है। लेकिन, अब इससे राहत मिलने के आसार बनते दिख रहे हैं। सफर के मुताबिक मौसम में होने वाले परिवर्तनों की वजह से अगले दो दिनों के बीच हवा की रफ्तार में थोड़ी बढ़ोतरी होने की संभावना है। 

आईआईटीएम के मुताबिक रविवार को दिल्ली में हवा की रफ्तार आठ से बारह किलोमीटर प्रति घंटे और सोमवार को आठ से 16 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है। इससे दिल्ली की हवा में जमे प्रदूषक कणों का बहाव तेज हो जाएगा और लोगों को भारी प्रदूषण से राहत मिलेगी। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 374 के अंक पर रहा जिसे बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है। लेकिन, चिंता की बात यह है कि आठ इलाके ऐसे रहे जहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के अंक से ऊपर यानी गंभीर श्रेणी में बना हुआ था। मौसम विभाग के मुताबिक दिन में आठ किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं चली हैं। जिसके चलते प्रदूषक तत्वों का बहाव कुछ हद तक कम हुआ है। हालांकि, वातावरण को पूरी तरह से साफ होने के लिए और तेज हवाओं की जरूरत है। 

तीन गुना से ज्यादा प्रदूषण

सीपीसीबी के मुताबिक शनिवार शाम चार बजे दिल्ली की हवा में प्रदूषक कण पीएम 10 की मात्रा 331 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 की मात्रा 189 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। मानकों के मुताबिक हवा में पीएम 10 की मात्रा 100 और पीएम 2.5 की मात्रा 60 से नीचे होनी चाहिए। तभी उसे स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। इस अनुसार दिल्ली की हवा में फिलहाल तीन गुने से ज्यादा प्रदूषण मौजूद है।

पराली की सात सौ से ज्यादा घटनाएं

दिल्ली के प्रदूषण में अब पराली के धुएं की हिस्सेदारी कम होती जा रही है। सफर के मुताबिक शनिवार के दिन पराली जलाने की 752 घटनाएं दर्ज की गई हैं। लेकिन, दिल्ली के प्रदूषण में अब पराली के धुएं की हिस्सेदारी नगण्य रह गई है।

यहां की हवा सबसे खराब

जहांगीरपुरी-430
अलीपुर-404
रोहिणी-408
विवेक विहार-406
नरेला-403



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