जीवन बीमा प्रीमियम अगले महीने दिसंबर से महंगा होने जा रहा है। बीमा क्षेत्र की कंपनी म्यूनिख ने 40 फीसदी तक प्रीमियम महंगा करने की घोषणा की है। इसके बाद अन्य जीवन बीमा कंपनियां जीवन बीमा प्रीमियम में 30 फीसदी तक इजाफा करने की तैयारी कर रही हैं। साथ ही जीवन बीमा के तहत आने वाले टर्म प्लान में 40 फीसदी तक वृद्धि हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि लागत बढ़ने से कंपनियां इसका बोझ उपभोक्ताओं पर डालना चाहती हैं।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बीमा प्रीमियम में वृद्धि के पीछे कोविड महामारी सबसे बड़ी वजह है। उनका कहना है कि महामारी के दौरान कंपनियों की लागत और खर्च कई गुना तक बढ़ गए हैं। इस वजह से अंडरराइटिंग पोर्टफोलियो में भारी इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुनर्बीमा की दरों में 40 फीसदी तक की वृद्धि हुई है, इसलिए प्रीमियम में 30 फीसदी की वृद्धि होने का अनुमान है। यह बीमा कराने वाली की उम्र, बीमा राशि और व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता पर निर्भर करेगा। सूत्रों के मुताबिक म्यूनिख ने विभिन्न टर्म पॉलिसियों के लिए अपनी दरों में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि की है जिससे प्रीमियम दरों में 25-30 फीसदी का इजाफा होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि यह दूसरी बार है जब 2021 में पुनर्बीमा की दरों में वृद्धि की गई है। इस साल मार्च में दरों में पांच फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। इसके पहले पिछले साल जून में 20-25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।

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पहली तिमाही में रिकॉर्ड स्तर पर दावा

बीमा उद्योग की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल पहली तिमाही में कोविड19 की मृत्यु के दावे 2021 के पूरे वित्त वर्ष के दावों से अधिक थे। रिपोर्ट के अनुसार, महामारी की दूसरी लहर के बाद, जीवन बीमा कंपनियों ने अब तक कोविड से संबंधित मौत के दावों को निपटाने के लिए 11,060.5 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। 21 अक्टूबर तक, जीवन बीमा कंपनियों ने 1.30 लाख से अधिक कोविड-19 से जुड़ी मृत्यु के दावों का निपटारा किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक लगभग 1.40 लाख कोविड से जुड़े क्लेम किए गए हैं, जिनकी राशि 12,948.98 करोड़ रुपये है, जिनमें से 93.57 प्रतिशत क्लेम और 85.42 प्रतिशत मूल्य के हिसाब से निपटाए गए हैं।



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