पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी को थामने के लिए भले ही पार्टी की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन मसला हल होता नहीं दिख रहा है। गुरुवार को मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय समिति ने पार्टी सुप्रीम सोनिया गांधी को पंजाब को लेकर रिपोर्ट सौंपी थी। सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट में समिति ने कैप्टन को ही विधानसभा चुनाव के लिए चेहरा बनाए रखने की सिफारिश की है। इसके अलावा नवजोत सिंह सिद्धू को समझाने का प्रयास किया गया है और कहा यह भी जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं।

इस बीच प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा है कि यदि पार्टी को लगता है कि मेरे अलावा किसी और को नियुक्त करने से मजबूती मिलेगी तो यह करना चाहिए। सुनील जाखड़ ने कहा, ‘कांग्रेस पंजाब में पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। मैं पहले ही दिन से कह रहा हूं कि यदि मेरे अलावा किसी और व्यक्ति को नियुक्त करने से पार्टी को मजबूती मिलती है तो फिर उसे प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहिए। मुझे हटा देना चाहिए।’ सुनील जाखड़ का यह बयान समिति की उस रिपोर्ट  के बाद ही आया है, जिसे लेकर कहा जा रहा है कि उसमें प्रदेश अध्यक्ष की कामकाज की शैली पर सवाल उठाया गया है।

सुनील जाखड़ के बयान से साफ है कि उन्हें समिति की राय से अवगत करा दिया गया है और इसीलिए उन्होंने खुद को पद से हटाने तक की सलाह पार्टी को दी  है। बता दें कि पंजाब कांग्रेस में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़ के बीच मतभेद की खबरें थीं। इसके अलावा नवजोत सिंह सिद्धू और सीएम के बीच भी कई बार टकराव की स्थिति बनती रही है। इससे निपटने के लिए ही पार्टी ने समिति का गठन किया था, जिसने राज्य के सभी पक्षों से मुलाकात कर सोनिया गांधी को रिपोर्ट सौंपी है।





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here