रेल मंत्री अश्विनी वैष्ण ने भारत गौरव ट्रेनों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि भारत गौरव ट्रेनों का संचालन आईआरसीटीसी के अलावा निजी कंपनियां भी कर सकेंगी। रेल मंत्री ने कहा कि ”हमने ‘भारत गौरव’ ट्रेनों के लिए 180 से अधिक ट्रेनों का आवंटन किया है और 3033 कोचों की पहचान की है। इसके लिए आज से ही आवेदन लेने शुरू किए जाएंगे। देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने इन ट्रेनों की शुरुआत की है। इसी के तहत हाल ही में रामायण एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत की गई थी, जो भगवान राम से जुड़े तीर्थ स्थानों के लोगों को दर्शन कराएंगी। इस महीने की शुरुआत में ही रेल मंत्री ने इनके बारे में बताते हुए कहा था, ‘भारत गौरव ट्रेनों का संचालन लोगों को भारत की संस्कृति, परंपरा और विविधता से परिचय कराने के लिए किया जा रहा है।’

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत गौरव ट्रेनों के संचालन से रेलवे की आय में भी इजाफा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल थीम बेस ट्रेनों के संचालन के लिए हमने 150 रेलगाड़ियों और 3000 से ज्यादा कोच की पहचान की है। यात्री और मालवाहक ट्रेनों के बाद रेलवे अब टूरिज्म सेक्टर में भी एंट्री कर रहा है। भारत गौरव ट्रेनों के जरिए लोग देश की परंपरा, इतिहास और संस्कृति के बारे में जान सकेंगे। इसके लिए आज से ही आवेदनों की शुरुआत हो रही है। मीडिया से बात करते हुए वैष्णव ने कहा, ‘हमारे इस नए प्रस्ताव के तहत यदि कोई ऑपरेटन किसी स्टेशन पर ट्रेन को पार्क करना चाहता है तो उसे वह सुविधा मिलेगी। इसके अलावा खान-पान की सुविधा भी वे अपने हिसाब से तय कर सकेंगे।’

कंपनियां जरूरत के मुताबिक देंगी ट्रेनों का ऑर्डर

रेल मंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव में काफी लोगों ने रुचि दिखाई है। उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मेक माई ट्रिप, राजस्थान डिपार्टमेंट ऑफ टूरिज्म या फिर ओडिशा टूरिज्म समेत कोई भी विभाग या कंपनी अपने मुताबिक ट्रेनें ले सकते हैं और उनका संचालन कर सकते हैं। संस्थाओं को अपने प्लान के मुताबिक ट्रेनों के संचालन की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि कंपनियां ट्रेनें चलाएंगी, जबकि रेल मंत्रालय उन्हें मेंटनेंस, वॉटर सप्लाई और खाने के लिए कच्चे माल की सप्लाई जैसी सेवाएं मुहैया कराएगा। 

रेल मंत्री ने बताया, कैसे तय होगा इन ट्रेनों का किराया

किराये के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि टूर ऑपरेटर्स की ओर से इसे तय किया जाएगा, लेकिन अत्यधिक वसूली नहीं की जा सकेगी। ऐसा कुछ होने पर रेल मंत्रालय की ओर से इसमें दखल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन ट्रेनों में तेजस, वंदे भारत समेत किसी भी कैटिगरी के कोच का इस्तेमाल किया जा सकेगा। ऑपरेटर्स की मांग के आधार पर इन्हें मुहैया कराया जाएगा। ट्रेन के कोचों और सुविधाओं के मुताबिक किराये में भी अंतर होगा।



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