Delhi ISI Terror Module: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के द्वारा गिरफ्तार किए गए 6 कथित आतंकियों को आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के सामने पेश किया गया, जहां से सभी आरोपियों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस की तरफ से कोर्ट में बताया गया कि यह सभी कथित आतंकी देश को दहलाने की साजिश रच रहे थे और अगले कुछ महीनों के दौरान ही इस देश में बड़े आतंकी हमले की तैयारी कर रहे थे और ये सब हो रहा था पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं के इशारे पर.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किए गए कथित आतंकियों में से 4 आतंकियों को तड़के सुबह कोर्ट के सामने पेश किया. वहीं बाकी बचे 2 आरोपियों को दोपहर में पेश किया गया. सभी 6 कथित आतंकियों की पेशी के दौरान दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के लिए 14 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की. पुलिस की तरफ से दलील देते हुए कहा गया कि अब तक की गई जांच और पूछताछ में पता चला है कि इन 6 में से दो आरोपी पाकिस्तान में जाकर आतंकी ट्रेनिंग ले चुके हैं और उसके बाद भारत वापस आकर भारत में बड़े आतंकी हमले की तैयारी कर रहे थे.

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि अब जबकि इन 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, इनके जरिए इनके बाकी सहयोगियों और मददगारों का पता लगाने की कोशिश की जाएगी क्योंकि देश को दहलाने वाली इस साजिश में यह अकेले नहीं है बल्कि इनके कई मददगार हैं जो इनको पैसे से लेकर बाकी सारी चीजों का इंतजाम करने में मदद कर रहे थे. उन मददगारों का सीधा संपर्क पाकिस्तान में बैठे दाऊद इब्राहिम के छोटे भाई अनीस इब्राहिम से है और अनीस इब्राहिम इन कथित आतंकियों को भारत में हमले के लिए सुविधाएं मुहैया करा रहा है.

कई लोग फरार

अदालत में पेशी के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि अगले 14 दिनों के दौरान इन आरोपियों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में जाया जाएगा और इनके मददगारों और आकाओं का पता लगाने की कोशिश की जाएगी क्योंकि अभी भी ऐसे कई लोग हैं जो फरार हैं. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश भी की जाएगी कि आखिर इन लोगों के निशाने पर कौन से शहर या जगहें थीं और इस इनकी इस आतंकी साजिश में कितने और लोग शामिल हैं.

हालांकि इन कथित आतंकियों के वकील का कहना है कि पुलिस अदालत में दलीलें जरूर दे रही है लेकिन अब तक कोई भी पुख्ता तथ्य पेश नहीं कर पाई है. ऐसे में जब इस मामले में अदालत में इन आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर होगा तब देखना होगा कि पुलिस क्या पुख्ता सबूत या तथ्य पेश कर पाती है. आरोपियों के वकील के मुताबिक कानूनी कार्रवाई के लिए जरूरी है की पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए जाएं और फिलहाल अभी तक पुलिस कोई ऐसे तथ्य अदालत में पेश नहीं कर पाई है. 

लेकिन पुलिस की अब तक की दलीलों से साफ है की देश को दहलाने की एक बड़ी साजिश रची जा रही थी जो पुलिस की मुस्तैदी से फिलहाल विफल होती दिख रही है. हालांकि यहां यह भी साफ कर देना जरूरी है कि पुलिस के मुताबिक अभी भी इन कथित आतंकियों के कई मददगार देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं और जब तक उन पर शिकंजा नहीं कसता तब तक खतरा टल गया, ऐसा नहीं कहा जा सकता.

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