यूरोपीय देशों में कोरोना के फिर से पांव पसारने के कारण लॉकडाउन लगाने की अनिवार्यता से मांग में आई कमी ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को झटका दिया है। बीते शुक्रवार को वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड 79 डॉलर प्रति बैरल के नीचे चला गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है।

केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में क्रमश: पांच रुपये तथा 10 रुपये प्रति लीटर की कमी करने से देश में इसकी कीमतों में कमी आयी थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश, कर्नाटक सहित देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इन दोनों उत्पादों पर मूल्य वर्धित कर (वैट) में कमी की है। इससे संबंधित राज्यों में इन दोनों पेट्रोलियम उत्पाद की कीमतों में और कमी आयी है। इसका असर रविवार को भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बरकरार है।

पेट्रोल-डीजल के दाम 18वें दिन भी स्थिर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी नरमी के बीच घरेलू स्तर पर सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने आज पेट्रोल और डीजल के भाव को स्थिर रखा, जिससे राजधानी दिल्ली में पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार सतरहवें दिन भी कोई बदलाव नहीं हुआ। राजधानी दल्लिी में देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के पंप पर पेट्रोल की कीमत 103.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 86.67 रुपये प्रति लीटर पर टिके रहे।

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