यूपी के प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना किसान सम्मान निधि में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है. जिले के दूरदराज के गांवों के किसानों के सम्मान निधि का पैसा नगर पंचायत प्रतापगढ़ सिटी के निवासियों के खातों में जा रहा है. ग्रामीणों के नामों से मिलते जुलते नामों के लोग जो टाउन एरिया सिटी के निवासी हैं, उनके बैंक खातों में किसान सम्मान का पैसा ट्रांसफर हो रहा है. इसमें से ज्यादातर खाते बड़ौदा ग्रामीण बैंक में खुले है.

इस फर्जीवाड़े की पोल खोलते आधा दर्जन लोगों के किसान सम्मान निधि बैंक अकाउंट गांव का और आधार कार्ड टाउन एरिया का सामने आया है, जिनके पास कोई जमीन ही नहीं है. इस बाबत एडीएम वित्त/राजस्व शत्रोहन वैश्य ने इस फर्जीवाड़े की जांच को समिति बना कर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई दावा किया.

एक तरफ किसान अपने हक के लिए देश की राजधानी की सीमाओं को घेर कर बैठे हैं तो वही प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री की किसानों को लुभाने की योजनाओं को कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जीवाड़े का मामला सामने आया. जांच के बाद इस मामले की पोल खुल सकती है. इस फर्जीवाड़े में संलिप्त कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं.

क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना

इस योजना के तहत लाभार्थी किसानों को हर साल 6 हजार रुपये दिए जाते हैं. पीएम किसान योजना के तहत किसानों के बैंक खाते में हर चार महीने के अंतराल पर 2-2 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं. शुरुआत में इस योजना के तहत देशभर के छोटे और सीमांत किसान, जिनके पास 2 एकड़ तक खेती योग्य जमीन है वह इसके अंतर्गत आते थे. बाद में इसका दायरा बढ़ाकर 1 जून 2019 से देश के सभी किसानों को इसमें शामिल किया गया.

पीएम-किसान निधि योजना के तहत लाभार्थी किसानों की पहचान राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकार और प्रशासनों की तरफ से की जाती है. इस योजना के लिए एक्सक्लूसिव वेब पोर्टल www.pmkisan.gov.in लॉन्च किया गया है. पीएम किसान पोर्टल पर किसानों को तैयार और अपलोड किए गए डेटा के आधार पर लाभार्थी किसानों के लिए फंड जारी किया जाता है.

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