इस हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार दलाल स्ट्रीट के लिए ब्लैक फ्राइडे साबित हुआ। सेंसेक्स करीब 1500 अंक टूट चुका है और निफ्टी 424.90 अंक गिरकर 17,111.35 के स्तर पर सुबह कारेाबार कर रहा था। बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कोरोना का नया वेरिएंट तो प्रमुख कारण है ही, इसके अलावा भी दो वजहे हैं। आइए जानें…

नया कोविड वेरिएंट 

दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस कोविड-19 का नया वेरिएंट मिला है, जिसे काफी खतरनाक बताया जा रहा है।  ब्रिटेन ने 6 अफ्रीकी देशों के लिए उड़ानें रद्द कर दी हैं। यूके की हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) ने कोरोना के नए वेरिएंट B.1.1.529 को वेरिएंट अंडर इन्वेस्टीगेशन घोषित किया है। वहीं केंद्र सरकार ने राज्यों को तीन देशों दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और हांगकांग से आने वाले यात्रियों की सख्ती से जांच करने और परीक्षण करने का निर्देश दिया है। इस वहज से एशियाई बाजार समेत घरेलू बाजार भी सहम गए।

फिर लॉकडाउन

यूरोपीय देशों ने रातों-रात COVID-19 बूस्टर टीकाकरण और कड़े प्रतिबंधों का बढ़ा दिया है। स्लोवाकिया ने दो सप्ताह के लॉकडाउन की घोषणा की। चेक सरकार बार जल्दी बंद कर देगी और जर्मनी ने 100,000 COVID-19 से संबंधित मौतों की दहलीज को पार कर लिया है।

 एफआईआई की बिकवाली

एनएसई के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने घरेलू शेयरों के विक्रेताओं को 2,300.65 करोड़ रुपये में बदल दिया। बिकवाली ने निवेशकों के उत्साह को भी कम कर दिया है।



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