नई दिल्ली: स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को अमेरिका के ड्रग रेगुलेटर एफडीए ने इमर्जेंसी इस्तेमाल की मंजूरी नहीं दी है. अमेरिका के FDA यानी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने इसके इमर्जेंसी यूज़ ऑथराइजेशन (EUA) देने से मना कर दिया है. भारत बायोटेक के यूएस पार्टनर ओक्यूजेन ने एफडीए के साथ वैक्सीन के इमर्जेंसी यूज ऑथराइजेशन (EUA) के लिए अप्लाई  किया था. भारत बायोटेक के मुताबिक, यूएसएफडीए ने पहले सूचित किया था कि नए कोविड -19 टीकों के लिए किसी भी नए इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन (EUA) को मंजूरी नहीं दी जाएगी. 

ऐसे में कोवैक्सीन को अमेरिकी मंजूरी मिलने में थोड़ा और वक्त लग सकता है. ओक्यूजेन ने गुरुवार को एक बयान में कहा था कि वह एफडीए की सलाह के अनुसार कोवैक्सीन के लिए बीएलए दाखिल करेगी. बीएलए, एफडीए की ‘‘पूर्ण अनुमोदन’’ व्यवस्था है, जिसके तहत दवाओं और टीकों की मंजूरी दी जाती है.

भारत बायोटेक के मुताबिक अच्छी हर्ड इम्युनिटी और बड़ी आबादी वैक्सीन लगने के साथ ही यूएस में महामारी कम हो रही है. इसके अलावा, यूएसएफडीए ने पहले सूचित किया था कि नए कोविड -19 टीकों के लिए किसी भी नए इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन (EUA) को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

इसको लेकर भारत बायोटेक के कहना है की हमारे यूएस पार्टनर, Ocugen को COVAXIN®️ के लिए बायोलॉजिक्स लाइसेंस एप्लिकेशन (BLA)  को आगे बढ़ाने के लिए FDA से एक अनुशंसा प्राप्त हुई है, जो पूर्ण अनुमोदन है. सभी आवेदनों को बीएलए प्रक्रिया का पालन करना होगा, जो टीकों के लिए मानक प्रक्रिया है. इसलिए बीएलए के लिए, COVAXIN®️ के लिए मार्केटिंग एप्लिकेशन सबमिशन का समर्थन करने के लिए अतिरिक्त क्लीनिकल ट्रायल के डेटा की आवश्यकता होगी. ये प्रक्रिया हमारी समयसीमा का विस्तार करेगी. 

वहीं भारत बायोटेक का कहना है की 14 देशों में उसे इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन (EUA) COVAXIN®️ के लिए मिल चुकी है और 50 से ज्यादा देशों में प्रक्रिया जारी है. इसके अलावा भारत से निर्मित या विकसित किसी भी वैक्सीन को कभी भी EUA या USFDA से पूर्ण लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है. इस प्रकार ये अनुमोदित होने पर भारत से वैक्सीन नवाचार और निर्माण के लिए एक बड़ी छलांग होगी. 

भारत बायोटेक की COVAXIN®️ का भारत मे ट्रायल हुआ था और 3 जनवरी को इसे भारत में इमर्जेंसी यूज ऑथराइजेशन मिला था जिसके बाद भारत मे कोरोना वैक्सीनेशन में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. 

भारत में बनी या विकसित हुई किसी भी वैक्सीन को कभी भी यूएसएफडीए से ईयूए या पूर्ण लाइसेंस नहीं मिला है. इस बीच, भारत बायोटेक ने कहा कि एक बार मंजूरी मिलने पर यह भारत में टीकों के नवाचार और विनिर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम होगा.

ओक्यूजेन ने हाल में घोषणा की थी कि उसे कनाडा में कोवैक्सीन के व्यावसायीकरण के लिए विशेष अधिकार मिले हैं और नियामक अनुमोदन के लिए हेल्थ कनाडा के साथ चर्चा की जा रही है.

 



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here