भारत में जैसे-जैसे कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है वैसे ही टेस्टिंग में भी लगातार तेजी देखने को मिल रही है। अभी तक 14 करोड़ सैम्पलों का परीक्षण किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 11 महीनों में कोरोना वायरस के लिए कुल 14 करोड़ सैम्पलों का परीक्षण किया गया है। जिसमें से अकेले 1 करोड़ परीक्षण पिछले 10 दिनों में किए गए हैं। 

सोमवार को हुआ 9 लाख सैम्पलों का परीक्षण

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को लगभग 9,00,000 सैम्पलों का परीक्षण किया गया। बता दें, देश में कोरोना वायरस का सबसे पहला टेस्ट 23 जनवरी को किया गया था। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा अधिकृत 2.165 प्रयोगशालाओं में हर दिन औसतन 1 लाख परीक्षण किए जाते हैं। इनकी प्रतिदिन कम से कम 15,00,000 नमूनों की जांच करने की क्षमता है। 

देश की शीर्ष बायोमेडिकल रिसर्च संस्था, आईसीएमआर, देश में कोविड-19 की टेस्टिंग के लिए लगातार लैब्स का निर्माण कर रही है। आईसीएमआर ने इतने कम समय में देश में टेस्टिंग लैब्स का नेटवर्क बढ़ाया है। नतीजतन, कोरोना वायरस टेस्टिंग में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। अप्रैल के आखिर तक कुल 10,000 कोविड-19 टेस्ट किए गए थे। जिसके बाद जून में 50 लाख, सितंबर में 5 करोड़, अक्टूबर में 10 करोड़ और नवंबर में यह टेस्टिंग संख्या बढ़कर 14 करोड़ पहुंच गई है। 

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एक अधिकारी ने क्विक रैपिड एंटीजन टेस्ट के बारे में बात करते हुए बताया कि उन स्थानों में पर जहां त्वरित परीक्षण की जरूरत होती है वहां आरएटी टेस्ट की सिफारिश की जाती है। इसके साथ ही केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे कार्यस्थल, धार्मिक स्थल, बाजार समेत अन्य ऐसी जगहों पर कोविड-19 संक्रमण का पता लगाने की कोशिश करें जहां भीड़ के इकट्ठा होने की ज्यादा आशंका है।





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