Edited By Deepak Verma | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
- लॉकडाउन की घोषणा के साथ ही रेलवे ने ठप कर दी थीं पैसेंजर रेल सेवाएं
- प्रवासी श्रमिकों को उनके राज्य पहुंचाने के लिए 1 मई से शुरू कीं ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेनें
- 12 मई से 15 जोड़ी एसी स्पेशल ट्रेनें शुरू हुईं, इनमें आम लोग कर पा रहे हैं सफर
- 1 जून से 200 और स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना, फिलहाल जारी है टिकट बुकिंग
नई दिल्ली
80 प्रतिशत लोग बिहार और यूपी गए हैं : विनोद कुमार यादव
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया कि 1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाना शुरू कर दी हैं। 20 मई को सबसे ज्यादा 279 ट्रेनें चलाईं।
गृह मंत्रालय की प्रवक्ता पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने बताया कि 27 मार्च को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए अडवाइजरी जारी कर प्रवासी श्रमिकों की सुविधा का ध्यान रखने का आदेश दिया गया। 28 मार्च को राज्य आपदा कोष से पैसे खर्च करने का आदेश दिया गया। फिर 29 मार्च को अडवाइजरी की गई।
12 और 14 अप्रैल को प्रदेशों को यह भी अडवाइजरी दी गई कि कहीं से कोई अफवाह आ रही हो तो उसे रोका जाए। सामुदायिक नेताओं, एनजीओ आदि से भी सहयोग लेने की सलाह दी गई।
29 अप्रैल को एक ऑर्डर जारी कर श्रमिकों को एक से दूसरे राज्यों में आवाजाही की अनुमति दी गई।
1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। 19 को एक और एसओपी निकाला गृह मंत्रालय निकाला गृह मंत्रालय ने ताकि प्रवासी श्रमिकों की आवाजाही आसान हो जाए।
भारत का रेल मंत्रालय आज कई अहम घोषणाएं कर सकता है। जिस तरह से ट्रेनों की आवाजाही को लेकर रेलवे ने तत्परता दिखाई है, उससे लोगों को और राहत मिलने की उम्मीद है। संभव है कि कुछ और रेलगाड़ियों को चलाने की व्यवस्था कर दी जाए। लोकल ट्रेनों और इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाने पर भी फैसला हो सकता है क्योंकि इन्हीं ट्रेनों के जरिए भारी संख्या में लोग अपने काम पर जाते-आते हैं। इसके अलावा, लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की दिशा में अगला कदम क्या होगा, इसका इशारा भी रेल मंत्रालय की पीसी में मिलेगा।
पीयूष गोयल कर चुके इशारा, अब नॉर्मल होने का वक्त
रेल मंत्री पीयूष गोयल कुछ दिन पहले कह चुके हैं कि अब वक्त आ गया है कि देश को ‘सामान्य स्थिति की ओर ले जाया जाए।’ पिछले दिनों जिस तरह चरणबद्ध ढंग से रेलवे ने पैसेंजर ट्रेन्स का ऑपरेशन शुरू किया है, उसको देखते हुए आगे और राहत मिलने की ही संभावना है। रेल नेटवर्क को पूरी तरह तो नहीं मगर एक-चौथाई क्षमता तक खोलने पर फैसला हो सकता है।
लॉकडाउन में सबसे पहले चलीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनें
रेलवे ने मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया था। लॉकडाउन में पहली ट्रेन तेलंगाना से झारखंड के हटिया के लिए रवाना हुई थी। उसके बाद 12 मई से 15 जोड़ी राजधानी स्पेशन ट्रेनों का भी संचालन शुरू हुआ। ये सारी ट्रेनें नई दिल्ली जाने-आने वाली हैं। ये नई दिल्ली से डिब्रूगढ़, अगरतला, हावड़ा, पटना, बिलासपुर, रांची, भुवनेश्वर, सिकंदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नै, तिरुवनंतपुरम, मडगांव, मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद और जम्मू तवी जाने और इन जगहों से नई दिल्ली आने वाली ट्रेने हैं। अब 1 जून से 100 जोड़ी ट्रेनों का संचालन शुरू हो रहा है जिनके लिए टिकटें मिलनी शुरू हो गई हैं। ध्यान रहे कि रेलवे ने कोरोना वायरस देखभाल केंद्रों के लिए 20 हजार बोगियों को रिजर्व रखा है।







