‘उत्तराखंड पैंथर्स’ क्रिकेट टीम है, जो दिल्ली में शौकिया तौर पर क्रिकेट खेलती है। इस टीम ने लॉकडाउन के दौरान परेशानियां झेल रहे प्रवासी लोगों की मदद की है। जिसे देखकर टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली भी इस टीम के फैन हो गए हैं। विराट ने इस टीम के लिए एक खास वीडियो मैसेज भी भेजा है। विराट ने इस मैसेज में कहा है कि दूसरों की मदद करने से बड़ा कोई काम नहीं है।
‘उत्तराखंड पैंथर्स’ टीम के सदस्यों ने मिलकर गाजियाबाद में अपने घरों को लौट रहे हजारों प्रवासियों को तीन दिन तक भोजन और पानी मुहैया कराया जिसके बाद विराट कोहली ने वीडियो मैसेज भेजकर उनकी हौसलाअफजाई की। विराट ने अपने इस मैसेज में कहा, ‘नमस्कार उत्तराखंड पैंथर्स। मैंने अपने जानने वालों से आपकी तस्वीरें देखीं। आप इस समय बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। दूसरों की मदद करने से बड़ा कोई काम नहीं होता और जिस लगन के साथ यह काम कर रहे हैं उसे देखकर बहुत खुशी हुई।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं यही प्रार्थना करूंगा कि आपको ऐसा काम करने की और शक्ति मिले। पूरी मेहनत से इसे करते रहिए।’
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He exclusively made a video for a team called UTTARAKHAND PANTHERS & sent them who’re doing some great word during this pandemic.@imVkohli ❤️ pic.twitter.com/Gbl4mOcziP
— Anu ? (@virat_always) May 19, 2020
विराट के वीडियो मैसेज से उत्साहित है ‘उत्तराखंड पैंथर्स’ टीम
विराट के मैसेज से यह पूरी टीम बेहद उत्साहित है। प्रवासियों की मदद के लिए पूरी टीम को एकत्रित करने वाले नरेंद्र नेगी ने कहा कि उनके एक मित्र ने कोहली की पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा को ये तस्वीरें भेजी थीं। नेगी ने कहा, ‘मेरे एक दोस्त हैं और वे अनुष्का शर्मा के परिचित हैं। उन्होंने अनुष्का और विराट को तस्वीरें भेजी जिसके बाद कोहली ने हमारे लिये वीडियो मैसेज भेजा था।’ उत्तराखंड पैंथर्स नाम की इस टीम को जब अपने घरों को लौट रहे लोगों की दुर्दशा का पता चला तो उन्होंने उनके लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की। नेगी ने कहा, ‘हमारी एक क्रिकेट टीम है, जिसमें उत्तराखंड के प्रवासी शामिल हैं। हम स्थानीय स्तर के टूर्नामेंटों में हिस्सा लेते हैं। लॉकडाउन के दिनों में एक दिन दवाई लेने के लिए मैं वैशाली गया तो मैंने देखा कि लोग भूखे प्यास पैदल घरों को जा रहे हैं, इसके बाद हमारी टीम ने उनकी मदद करने का फैसला किया।’
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उन्होंने कहा, ‘हमें पुलिस ने बताया कि नगर निगम के एक स्कूल में हजारों मजदूरों को रखा गया है। हम सभी दोस्तों ने पैसे जुटाए। कुछ स्थानीय लोगों ने भी हमारी मदद की। हमने स्कूल में रहने वाले मजदूरों के लिए लगातार तीन दिन तक खाने-पीने की व्यवस्था की। हमने इसमें कैटरिंग वाले से मदद ली थी।’
(एजेंसी इनपुट के साथ)







