Extortion Case: वसूली मामले में ठाणे के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Param Vir Singh) के खिलाफ गैर जमानती वारंट (Non Bailable Warrant) जारी हो चुका है. हाल ही में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक याचिका दाखिल की और कोर्ट से मांग किया कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को रद्द किया जाए या सीबीआई (CBI) को ट्रांसफर कर दिया जाए. इस मांग पर कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया और साथ ही उनकी गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी. कोर्ट ने परमबीर से जांच में सहयोग करने के लिए कहा है.

वहीं जब परमबीर सिंह ठाणे के पुलिस कमिश्नर थे तब उन्होंने केतन तंना और दूसरे आरोपियों के खिलाफ मकोका लगाया जाए इसके लिए अप्रुवल दिया था. यह भी एक सबूत है जो इस मामले में परमबीर सिंह के खिलाफ जा सकता है. दरअसल ठाणे के थानेनगर पुलिस थाने में केतन तंना की शिकायत पर सिंह के खिलाफ एक और वसूली करने के आरोप में FIR दर्ज किया गया. इस एफ़आईआर में कुल 28 लोगों का नाम है जिसमें सिंह के अलावा डीसीपी दीपक देवराज , एसीपी एनटी कदम , पीआई राजकुमार कोठमिरे, पूर्व एनकाउंटर सोइशलिस्ट प्रदीप शर्मा , अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी , व्यापारी बची सिंह , संजय पुनमिया, हैं.

इन धाराओं के खिलाफ मामला दर्ज 

पुलिस ने इनके खिलाफ IPC की धारा 384, 386, 387, 389, 392, 324,323, 504, 506, 506(2), 109, 166, और 120(b), और आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 के तहत मामला दर्ज किया है. सूत्रों ने बताया की आरोप है कि ठाणे पुलिस की एंटी एक्टोर्शन सेल में काम कर रहे लोगों ने केतन तंना और उनके दोस्तों को झूठे केस में फसाने का डर दिखाकर उनसे पैसे वसूले और बहुत परेशान किया. 

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