राजस्थान में कांग्रेस की मुश्किलें फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। सचिन पायलट खेमे की नाराजगी को खत्म करने के लिए भले ही अशोक गहलोत सरकार की नई कैबिनेट का गठन किया जा रहा है, लेकिन शपथ के दिन ही रार शुरू हो गई है। अलवर के विधायक टीकाराम जूली को मंत्री बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए एक अन्य विधायक जौहरी लाल मीणा ने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। मीणा ने खुले तौर पर जूली पर हमला बोलते हुए कहा, ‘हमारे अलवर जिले में हर कोई जानता है कि टीकाराम जूली एक भ्रष्ट आदमी हैं। उनका परिवार कलेक्शन में शामिल रहा है।’

जौहरी लाल मीणा ने कहा कि मैंने पार्टी से उन्हें हटाने की मांग की थी, लेकिन इसकी बजाय उन्हें अब मंत्री बनाया जा रहा है। मैं इसके खिलाफ हूं। यही नहीं गहलोत कैबिनेट में शपथ लेने वाले टीकाराम जूली ने मीणा के आरोपों पर पलटवार किया है। जूली ने कहा, ‘वह पार्टी के सीनियर नेता है। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं, लेकिन उनके आरोप पूरी तरह से आधारहीन हैं। उन्हें सबूतों के साथ सामने आना चाहिए। यदि उनके पास कोई सबूत है तो पेश करें अथवा अपने आरोपों को वापस लें।’ यही नहीं महिला विधायक शाफिया जुबैर ने भी कैबिनेट गठन को लेकर सवाल उठाया है।

महिला विधायक ने भी उठाए सवाल, अशोक गहलोत ने दिया जवाब

महिला विधायक ने कहा कि कैबिनेटा का ढांचा कुछ और बेहतर हो सकता था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की खराब छवि है, उन्हें प्रमोट किया जा रहा है। कुल मिलाकर इस कैबिनेट के गठन से अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। महिलाओं की कमी के सवाल पर भी शाफिया ने उठाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रियंका गांधी महिलाओं को 40 फीसदी टिकट देने की बात कर रही हैं, लेकिन कैबिनेट में 33 फीसदी महिलाओं को भी आरक्षण नहीं मिल पाया है। इस बीच ऐसे तमाम आरोपों पर अशोक गहलोत ने जवाब दिया है। सीएम ने कहा कि जिन लोगों को कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया है, उनका योगदान भी गवर्नेंस के मामले में कम नहीं रहा है।





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