भारत और पाकिस्तान के बीच एलओसी पर सीजफायर के समझौतों का सख्ती से पालन करने पर बनी सहमति के बाद पड़ोसी देश की प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान ने समझौते को कूटनीतिक सफलता बताते हुए कहा है कि इससे और अधिक रास्ते खुल सकेंगे। पाकिस्तान ने इसे पर्दे के पीछे किया गया समझौता बताया है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के राष्ट्रीय सुरक्षा डिविजन और रणनीतिक नीति नियोजन के विशेष सहायक मोईद यूसुफ ने एक ऑडियो जारी कर कहा है कि सीजफायर जोकि 24 फरवरी की आधी रात से लागू हुआ है, वह काफी ठोस है और सकारात्मक डेवलपमेंट है। इसका स्वागत किया जाना चाहिए।   

इस्लामाबाद में उर्दू में जारी किए गए ऑडियो में यूसुफ ने कहा, ”जब लोग पूछते हैं कि (पाकिस्तान) सरकार की नीति क्या है और यह कश्मीर पर क्या कर रही हैऔर कुछ भी नहीं हो रहा है, तो उन्हें पता होना चाहिए कि इस तरह की चीजें पर्दे के पीछे की जाती हैं। बहुत कोशिशें की जा रही हैं।” उन्होंने कहा, “यह हमारी कूटनीति की सफलता है और भविष्य में और रास्ते खुलेंगे।” 

सीजफायर पर सहमति बनने से कई महीने पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उनके पाकिस्तानी समकक्ष मोईद यूसुफ ने सीमाओं पर शांति सुनिश्चित करने के लिए बैक चैनल बातचीत शुरू कर दी थी। डोभाल और यूसुफ सीधे तौर पर और वार्ताकारों के माध्यम से संपर्क में रहे थे। भारत और पाकिस्तान द्वारा जारी किया गया संयुक्त बयान इस बातचीत का पहला परिणाम है। दोनों के बीच किसी तीसरे देश में कम से कम एक बार आमने-सामने की बैठक भी हुई थी।

यूसुफ अपने ऑडियो में इन्हीं पर्दे के पीछे हुई बातचीत का जिक्र करते हुए दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि क्या आपको लगता है कि बिना प्रयास और बिना दबाव के यह बात हुई, जिस पर भारत इतने महीनों और वर्षों तक सहमत नहीं था? उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त बयान ‘पाकिस्तान के लिए जीत’ है, क्योंकि भारत सीजफायर के लिए सहमत नहीं था। उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान बार-बार कह रहा था कि हम शांति चाहते हैं और हम चाहते हैं कि नियंत्रण रेखा पर सीजफायर होना चाहिए, ताकि निर्दोष नागरिकों की मौत न हो।”

उन्होंने आगे कहा, ”आज का डेवलपमेंट बहुत ठोस और सकारात्मक है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए। यह हमारी कूटनीति की सफलता है, जो इस डेवलपमेंट में दिखाई दे रही है।” उन्होंने कहा कि कश्मीर की समस्या जिसका हम समाधान चाहते हैं और जिस तरीके से समाधान चाहते हैं, वह भी होगा। इस्लामाबाद के घटनाक्रम से परिचित लोगों ने बताया कि यूसुफ भारत के साथ तालमेल बिठाने के प्रयासों में अहम भूमिका निभा रहे हैं और उनके काम को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल कमर बाजवा सहित शक्तिशाली सेना का समर्थन हासिल है।

पाकिस्तानी वायुसेना अकादमी में एक समारोह को संबोधित करते हुए 3 फरवरी को बाजवा ने कहा था कि पाकिस्तान शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध है। अब सभी दिशाओं में शांति का हाथ बढ़ाने का समय आ गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्तान और भारत को कश्मीर मुद्दे को गरिमापूर्ण और शांतिपूर्ण तरीके से हल करना चाहिए।



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