कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर चल रही अटकलों के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि शीतकालीन सत्र आयोजित करने और इसकी तिथियों के बारे फैसला सरकार करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी आगामी सत्र आयोजित होगा तो कोरोना संबंधी सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जाएंगे।

बिरला के मुताबिक, संविधान दिवस के मौके पर 25 और 26 नवंबर को गुजरात के केवड़िया में पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन होगा जिसका उद्घाटन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे और इसके समापन सत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। आगामी शीतकालीन सत्र से जुड़े सवाल पर बिरला ने संवाददाताओं से कहा, संसद सत्र कराने की तैयारी की लोकसभा सचिवालय की तैयारी हमेशा होती है। जहां तक इस सत्र का सवाल है तो संसदीय मामलों से संबंधित कैबिनेट समिति (सीसीपीए) इस बारे में फैसला करती है। सीसीपीए यह फैसला करते हुए सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ चर्चा करेगी।

उन्होंने कहा, कोरोना का संकट लगातार बढ़ रहा है। यह सबकी चिंता का विषय है। लेकिन सीसीपीए की बैठक में फैसला होगा। जब भी फैसला होगा उसकी जानकारी आप लोगों (मीडिया) को दी जाएगी। अगले साल बजट सत्र में सुरक्षा के इंतजाम जुड़े एक सवाल पर बिरला ने कहा, परिस्थिति के अनुसार लोकसभा व्यापक इंतजाम करती है। जब कभी बजट सत्र होगा तो हम सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के साथ सत्र चलाएंगे।

ऐसी चर्चा है कि दिल्ली में कोरोना संकट के बढ़ने के कारण संसद का शीतकालीन सत्र और बजट सत्र संयुक्त रूप से हो सकता है। हालांकि बिरला ने इस पर कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कहा। सूत्रों का कहना है कि कई सांसदों ने दिल्ली में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष को अवगत कराया है कि वे अगले कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजधानी में आने में असमर्थ होंगे।

बिरला ने पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा, ”राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देव व्रत और मुख्यमंत्री विजय रुपाणी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 26 नवंबर को इस सम्मेलन के समापन सत्र को डिजिटल रूप से संबोधित करेंगे।

लोकसभा अध्यक्ष के मुताबिक, यह सम्मेलन विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच ‘सद्भावपूर्ण समन्वय पर केंद्रित होगा क्योंकि यह जीवंत लोकतंत्र की बुनियाद होती है। बिरला ने कहा कि संसद के नए भवन का कार्य आरंभ हो गया है और आजादी के 75 साल पूरा होने के मौके पर 2022 में नए भवन में सत्र का आयोजन होगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 23 नवंबर को यहां बी डी मार्ग पर सांसदों के लिए बने 76 आवासों का उद्घाटन करेंगे।



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