देश में पड़ रही भीषण गर्मी का कोरोना वायरस के संक्रमण पर कितना असर पड़ेगा, इसे लेकर लगातार अलग-अलग बातें कहीं जा रही हैं। कुछ अध्ययन यह बताते हैं कि इस पर गर्मी का प्रभाव नहीं पड़ेगा, कुछ बताते हैं कि पड़ेगा। इधर, अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) ने कहा कि गर्मी की वजह से वायरस सतह पर ज्यादा देर टिक नहीं पाएगा। सीडीसी के इस बयान को अहम माना जा रहा है। क्योंकि देश में इस समय भारी गर्मी पड़ रही है और कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है।

दरअसल, सीडीसी ने कुछ समय पूर्व ही अमेरिका में कामकाज शुरू करने के लिए रिओपनिंग गाइडलाइन जारी की हैं। इन गाइडलाइन में विशेष तौर पर उपाय सुझाये गए हैं कि किस प्रकार कार्यालय में सावधानियां बरतनी होंगी और सामान को संक्रमण रहित करना होगा। इन्हीं दिशा-निर्देशों में सार्वजनिक स्थलों पर मौजूद ऐसी सतहों जहां वायरस के संक्रमण की आशंका हो सकती है, के बारे में कहा गया है कि वहां नियमित सफाई करके संक्रमण से बचा जा सकता है। क्योंकि सतह पर वायरस वैसे भी कुछ ही घंटे टिक पाता है, लेकिन गर्म मौसम एवं सूरज की रोशनी इसके जीवित रहने के समय को और कम कर देगी।

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बता दें कि पूर्व के अध्ययनों मं कहा गया था कि स्टील, लकड़ी, प्लास्टिक आदि पर वायरस 48-72 घंटे तक जीवित रह सकता है। लेकिन सीडीसी की नई गाइडलाइन को देखें, तो गर्मी के चलते इतने समय तक वायरस के जीवित रहने की संभावना नहीं है। चीन में हुए अध्ययन में करीब 35 फीसदी संक्रमण में फैलने का कारण पता नहीं चला था। तब यह अनुमान व्यक्त किया गया था कि सतह को छूने की वजह से यह संक्रमण हुआ हो सकता है।

सात दिन से बंद हो तो खतरा नहीं
इसमें कहा गया है कि यदि कार्यालय, स्कूल, कॉलेज या कोई अन्य स्थान सात दिन से बंद है, तो वायरस के मौजूद होने की संभावना नहीं है। मसलन, वहां किसी सतह पर या किसी अन्य रूप में वायरस के जीवित होने की संभावना नहीं है। इसलिए ऐसे स्थानों को संक्रमण रहित करने की जरूरत नहीं। सामान्य सफाई करके ही उन्हें उपयोग किया जा सकता है, लेकिन एक बार खुलने के बाद रोज वहां बार-बार इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को संक्रमण रहित करना होगा।





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