उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और समाजवादी परिवार में अब तक एकता पर फैसला नहीं हो सका है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर भी एकता नहीं हो सकी, जिसे लेकर काफी समय से कयास लगे रहे हैं। एक तरफ अखिलेश यादव ने लखनऊ के पार्टी मुख्यालय में मुलायम सिंह यादव से केक कटवाकर आशीर्वाद लिया तो वहीं शिवपाल यादव पैतृक गांव में सभा करते दिखे। इस दौरान शिवपाल यादव ने भतीजे अखिलेश यादव को एकता के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह में ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ तो फिर वह अगले कदम पर विचार करेंगे।

शिवपाल यादव ने मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर केक काटने के बाद लोगों को संबोधित किया। सैफई में शिवपाल यादव ने कहा, ‘हमने अखिलेश से सिर्फ 100 सीटें मांगीं कि सर्वे करा लो और जो सीटें जीतने लायक लगें, उन्हें हमें दे दो। हमारा कहना है कि यदि गठबंधन नहीं कर सकते हो तो फिर विलय ही कर लो। एकता में जो ताकत है, वह बिखराव में नहीं है। हमारी बलिया, गोरखपुर और देवरिया में कितनी बड़ी रैली हुई है। लेकिन लोग एकता के पक्ष में हैं। इसलिए इस पर जल्दी ही कोई फैसला हो जाना चाहिए। यदि इस पर कोई फैसला नहीं होता है तो फिर हम एक सप्ताह के बाद फैसला लेंगे।’ 

एक सप्ताह में न हुआ फैसला तो बुलाएंगे लखनऊ में सम्मेलन

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर फैसला नहीं होता है तो फिर लखनऊ में सम्मेलन बुलाएंगे और हर जगह पर रैलियां करेंगे। उन्होंने कहा, ‘एक सप्ताह में गठबंधन नहीं हुआ तो फिर हम लखनऊ में सम्मेलन करेंगे। हम तो चाहते हैं कि एका हो जाए। हम अपने लोगों से राय लेंगे कि क्या करना है और फिर आप लोग जो फैसला देंगे, हम उस पर चलेंगे। हम चाहते हैं कि 2022 में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी सत्ता में जरूर आए।’ शिवपाल यादव ने कहा कि फिलहाल देश में हालात ठीक नहीं हैं। भाजपा की वजह से देश में किसान, गरीब, नौजवान, मुसलमान और किसान परेशान हैं। महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से लोग परेशान हैं। 



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