Parliament Winter Session: 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले आज यानी 25 नवंबर को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की बैठक हुई. इस बैठक में आगामी संसद सत्र के लिए रणनीतियां तैयार की गईं. इस बैठक के लिए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, केसी वेणुगोपाल, एके एंटनी, मानिक टैगोर, रवनीत सिंह बिट्टू, के सुरेश, आनंद शर्मा सोनिया गांधी के आवास पर पहुंचे थे. वहीं, मनीष तिवारी अपने क्षेत्र से वीडियो कॉल के जरिए जुड़े थे.

बैठक खत्म होने के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया, “कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की बैठक में आज हमने फैसला किया है कि हम संसद में कई मुद्दे को उठाएंगे, जिसमें महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतें, चीनी आक्रामकता के मुद्दे और जम्मू कश्मीर का मुद्दा शामिल है.” उन्होंने कहा, “संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन 29 नवंबर को कांग्रेस किसान मुद्दा जिसमें एमएसपी (MSP) शामिल होगा और लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्खास्त करने के मुद्दे को उठाएगी.” मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम संसद में इन मुद्दों पर विपक्षी दलों को एक साथ लाने के लिए अपने प्रयासों के तहत विभिन्न दलों के नेताओं को बुलाएंगे.

बता दें कि पिछली बार की तरह इस बार भी सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है. कांग्रेस मोदी सरकार को सदन में घेरने की पूरी कोशिश करेगी और आज इस बैठक में इस पर रणनीति भी बना ली गई है. करीब 15-16 ज्वलंत मुद्दे हैं जो कांग्रेस संसद के शीतकालीन सत्र में उठाएगी. संसद के पिछले सत्र में पेगासस मामले पर विपक्षी पार्टियों की एकता देखने को मिली थी, लेकिन कांग्रेस के लिए इस बार सबसे बड़ी मुश्किल तृणमूल कांग्रेस खड़ा कर सकती है.

ममता बनर्जी के रवैये से साफ संकेत मिल रहे हैं कि तृणमूल कांग्रेस संसद में खुद को विपक्ष की अगुवा के रूप में पेश करने की कोशिश कर सकती है. बता दें कि ममता बनर्जी आज यानी 25 नवंबर तक दिल्ली दौरे पर थीं. ममता ने कीर्ति आजाद और अशोक तंवर जैसे कांग्रेसी नेताओं को तृणमूल में शामिल भी करवाया है. वहीं, संसद में मोदी सरकार को घेरने की विपक्षी रणनीति पर चर्चा के लिए वो अपने दिल्ली दौरे के दौरान सोनिया गांधी से मुलाकात नहीं की. 

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