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यूपी में किसी बात पर भाजपा सरकार के मंत्री और सुभासपा प्रमुख के बीच तूतू मैं मैं हो गयी। किसी ने कहा तुम औरंगजेब हो तो जवाब मे पलटवार हुआ कहा कि तुम तो दो मुंहा सांप हो। वैसे भी भाजपा नेता और मंत्री विवादित बयानों के लिये कुख्यात हैं। योगी सरकार में राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल ने ओपी राजभर को औरंगजेब कह कर तंज कसा तो राजभर ने कहा आप तो दो मुंहा सांप हो। सपा में थे तो सपा के गुण गाते थे और भाजपा को कोसते थे आज भाजपा में हो तो सपा और अखिलेश यादव को गाली दे रहे हो। हिम्मत थी तो पार्टी में रह कर गाली देते। तुम ठहरे दो मुंहा सांप।
2019 में आम चुनाव के ठीक पहले सपा नेता और राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल ने पल्टी मारी और सपा छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया। नरेश अग्रवाल ने अपने बेटे नितिन अग्रवाल से भी सपा छोड़ने को कहा और वो भी बीजेपी में शामिल हो गये। आज वो यूपी की बीजेपी सरकार में राज्यमंत्री बने बैठे हैं। ये वही नरेश अग्रवाल हैं जिन्होंने उच्च सदन में यह कह कर परिहास किया था कि व्हिस्की में विष्ण्ूा बसे और रम में बसे राम। भाजपा ने नरेश अग्रवाल के इस बयान को लेकर काफी हंगामा किया था। दिलचस्प बात यह है कि उसी भाजपा ने उन्हीं नरेश अग्रवाल को राज्यसभा सदस्य मनोनीत करवाया।
यूपी अजब उसकी राजनीति गजब है। यहां के नेता कब क्या कह जायें कोई भरोसा नहीं है। यह भी कहा जाता है कि सुबह वो किसी दल में होता है शाम को चाय वो किसी और दल में पीता है। ऐसे ही एक नेता हैं सुभासपा के सुप्रीमो ओम प्रकाश राजभर वो अपने बयानों के लिये जाने जाते हैं। धारा प्रवाह और प्रभावी ढंग से रखने वाले ओपी राजभर 2017 में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे। प्रदेश में प्रचंड बहुमत से भाजपा की सरकार बनी और योगी आदित्यनाथ को सीएम पद की जिम्मेदारी मिली। ओपी को भी सरकार में मंत्री दिया गया। लेेकिन ओपी को वो सम्मान और प्रतिष्ठा ओपी राजभर चाहते थे वो उन्हें बीजेपी सरकार में नहीं मिला। जिसे लेकर वो योगी से शिकायत करते रहे लेकिन योगी ने भी उनकी शिकायतों और दर्द को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। यही वजह रही कि सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर ज्यादा दिनों तक सरकार में नहीं रह सके और उन्होंने मंत्री पद छोड़ते हुए सरकार और योगी के खिलाफ बगावत कर दी। तबसे वो भाजपा, सीएम योगी और मोदी शाह के खिलाफ हमलावर रहते हैं।
इस साल विधानसभा चुनाव में ओपी राजभर ने एक बार फिर भाजपा और योगी के खिलाफ सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और अपने उम्मीदवार उतारे। इस बार भी पूर्वांचल में सुभासपा के आधा दर्जन उम्मीदवार चुनाव जीत कर एमएलए बने। पूर्वांचल में ओपी ने यह दिखा दिया कि उनमे अभी काफी दमखम है। इसी बल पर वो प्रदेश में सरकारों से मोलभाव करने से नहीं कतराते हैं।

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