Modi govt. made new MV act in last parliamentary session without discussion.
Modi govt. made new MV act in last parliamentary session without discussion.

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काफी मंत्रालयों से गड़बड़ी की शिकायतें

पिछले दो तीन दिनों से मोदी सरकार के कुछ मंत्रालयों में घोटाले होने का खुलासा हुआ है। ये खुलासा भी केन्द्र सरकार की संस्था कैग द्वारा किया गया है। अधिकतर घोटाले सड़क परिवहन मंत्रालय से जुड़े हैं। इस मंत्रालय के मंत्री नितिन गडकरी हैं। नितिन गडकरी भारत सरकार के कद्दावर मंत्रियों में गिने जाते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि कैग ने केवल केन्द्रीय सड़क परिवहन विभाग की ही गहन जांच क्यों की। काफी मंत्रालयों से गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं। लेकिन निशाने पर केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ​ही क्यों। इसके पीछे कई कारणों के बारे में चर्चा हो रही है।
भारत माला और द्वारका ऐक्प्रेस वे सड़क परियोजना में भारी घोटाला
भारत सरकार की संस्था कैग ने हाल ही में सड़क परिवहन विभाग के बारे में जांच कर यह खुलासा किया है कि इन दोनों योजनाओं में भारी आर्थिक अनियमितताएं मिला है। द्वारका ऐक्सप्रेस वे में एक कि​मी लंबी सड़क के लिये निर्धारित बजट 18.20 करोड़ था। लेकिन सड़क बनने के बाद उसका भुगतान 251 करोड़ किया गया है। इसी तरह की गड़बड़ियां भारत माला सड़क परियोजना में भी बताया गया है। इस प्रकार इन दोनों योजनाओं में लाखों करोड़ रुपयों की हेरफेर की गयी है। लोगों को हैरानी हो रही है जो मोदी सरकार भारी अनियमितताओं को जानबूझ कर चुप्पी साध लेती थी। ऐसा नहीं है कि मोदी सरकार के विभिन्न् विभागों में सब ठीक ठाक चल रहा है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, रेल आई टी मंत्री अश्विनी वैष्णव और महिला बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरान समेत तमाम मंत्रायलों में भारी अनियमितताओं की चर्चा है। ये भी कहा जा रहा है कि नितिन गडकरी मोदी की किचन बैबिनेट के सदस्य नहीं यही वजह ​है कि उने पीछे कैग को लगाया गया है। यह भी सुना जा रहा है कि कैग अध्यक्ष जीसी मुरमू पीएम मोदी के काफी करीबी हैं वो पहले पीएम के प्रधान सचिव भी रह चुके हैं।
केन्द्रीय मंत्री के खिलाफ इतना बड़ा खुलासा क्यों
अचानक अपने ही केन्द्रीय मंत्री के खिलाफ इतना बड़ा खुलासा कैसे कर सकती है। मोदी सरकार एक पंथ दो काज करने की मंशा रखती है। पीएम मोदी अपनी हर चुनावी सभा में यह कहते हैं कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार मामले में जीरो टारलेंस रखती है। गडकरी को निशाने पर रख कर वो इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि भ्रष्टाचार के मामले में उन्होंने अपने मंत्री को भी नहीं बख्शा है। लेकिन इस बात को भी नहीं भूलना चाहिये कि एक समय था जब पीएम ने नितिन गड़करी के जिम्मे पांच पांच विभाग सौंपे थे। लेकिन आज उनके पास सिर्फ सड़क परिवहन मंत्रालय ही है। ये भी देखा जा रहा है कि गडकरी अपने बयानों से मोदी सरकार की फजीहत होती है। यही वजह है कि गडकरी मोदी की आंख की किरकिरी बन गये थे। दूसरी बात यह कि नितिन गडकरी की वरिष्ठता के आगे मोदी कहीं भी नहीं टिकते है। गडकरी पार्टी के अध्यक्ष भी रह चुके है। महाराष्ट्र में बीजेपी के पास गडकरी जैसा वरिष्ठ और लोकप्रिय दूसरा नेता नहीं है। इसके साथ ही गडकरी संघ के भी काफी करीब है। शायद यही वजह है कि मोदी पीएम की राह का सबसे बड़ा रोड़ा नितिन गडकरी को मान रहे हैं। इसलिये कैग की रिपार्ट के बहाने नितिन गडकरी को किनारे लगाने की बात भी चर्चा में है। वैसे इस बात की भी चर्चा है कि इस बार गडकरी का टिकट भी मोदी शाह काट सकते हैं।

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