-rahul-priyanka
Rahul Gandhi And Priyanka at Ahamadabad

पिछले कई सालों से यह देखा जा रहा है कि कांग्रेस की हालत पतली होती जा रही है। कांग्रेस के नेतृत्व पर अब अंदर से भी सवाल उठने लगे है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने भी पार्टी के नेतृत्व पर सवाल लगाते हुए सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है। इनमें पी विदंबरमए शशि थरूरए कपिल सिब्बल, आंनद शर्मा, पूर्व मंत्री खड़से ने सोनिया गांधी को पत्र को लिखकर पार्टी ेके नेतृत्व और संगठन पर चिंता जता याी थी। इस पर पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने काफी नाराजगी जतायी थी। तब से पार्टी के अंदर खींचतान चल रही है। ऐसे में ही कांग्रेसी नेताओं ने पार्टी छेाड़ बीजपेी का दामन थाम लिया है। कर्नाटकए गुजरात और मध्य प्रदेश में बीजेपी खरीद फरोख्त करते हुए कांग्रेस सरकार का तख्ता पलट दिया था। इतना ही नहीं अपने पक्ष में राज्यसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी की जीत भी सुनिश्चित करवा ली थी।
यूपी में तो कांग्रेस की हालत और भी ज्यादा पतली है। राहुल गांधी भी सुलतानपुर से अपनी सीट गंवा चुके है। तीन बार से राहुल गांधी यहां से सांसद रह चुके है। लेकिन पिछले आम चुनाव में बीजेपी की स्मृति ईरानी ने यहां जीत हासिल की है। यूपी से कांग्रेस के गिनती की सीटें रह गयी हैं। जीते हुए विधायक भी पार्टी नेतृत्व के निर्देश भी नहीं मानते हैं। दिन ब दिन यूपी के सीएम योगी से करीबियां बढ़ाते दिख रहे हैं। रायबरेली सदर सीट से कांग्रेस की विधायक अदिति सिंह आजकल बहुत ही बेअदाज हो गयी हैं। अदिति आजकल सीएमयेगी के साथ काफी घुलमिल रही हैं। योगी सरकार के विधेष सत्र में अ्रदेश कांग्रेस की ओर से अदिति सिंह ने शिरकत की। जबकि कांग्रेस नेतृत्व ने व्हिप जारी कया था थ्किा कोई भी विधायक सरकार के विशेष स. मंें भाग पहीं लेगा। इसके अलावा वो निजी तौर पर सीएम योगी से मुलाकात कर चुकी हैं। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह लललू ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। लेकिन अदिति के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है।
हाल ही में रायबरेली हरचंदपुर से कांग्रेस विधायक राकेश सिंह ने हिन्दू युवा वाहिनी के एक कार्यकर्ता को सम्मानित करत हुए योगी की शान में कसीदे पढ़े साथ यह भी कहा कि योगी जी सबसे श्रष्ठ और लोकप्रिय सीएम हैं। प्रदेश सरकार बहुत ही बढ़िया काम कर रही है। राकेश सिंह बीजेपी एमएलसी दिेनेश प्रताप सिंह के भाई हैं। यह सब उस वक्त हो रहा है जब कि राहुल और प्रियंका योगी और मोदी को अपने निशाने पर रखते हैं बीजेपी उनका प्रतिद्वंद्वी है। उसके बावजूद उनकी पार्टी के विधायक पार्टी निर्देश के की अनदेखी कर रहे हैं। विधायकों के इस बर्ताव को देखते हुए लगता है कि आगामी चुनाव के आसपास बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। अभी हाल ही में बुलंदशहर नवनियुक्त जिला अध्यक्ष ने महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के बारे में काफी उल्टासीधा कहा और पार्टी के खिलाफ काफी गलतबयानी की। इन सब हालात में कांग्रेस पार्टी के दुर्दिन होते जा रहे हैं। पार्टी के हालात तभी सुधर सकते हैं जबकि कांग्रेस का संगठन और नेतृत्व का समाधान निकले। सबसे बड़ा सवाल तो अध्यक्ष पद का है राहुल गांधी अध्यक्ष्ज्ञ पद संभालना नहीं चाहते हैं लेकिन पार्टी के कुछ नेता उन्हें पार्टी की कमान थमाना चाहते हैं। पार्टी अगर राजनीति में वजूद कायम रखना चाहती है तो पार्टी अध्यक्ष गैर गांधी परिवार का बनाये तभी पार्टी की साख बनी रहेगी।

 

 

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