उत्तराखंड में हिमालय की ओर भी वैश्विक महामारी कोरोना ने दस्तक दे दी है. पहाड़ी जिलों में भी अब कोरोना का खतरा पहुंच गया है. उत्तराखंड में उत्तरकाशी, पौड़ी, टिहरी, बागेश्वर और चमोली भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं. 

देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना अपने पांव अब तेजी से पसारता जा रहा है. पहले मैदानी जिलों में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ी और अब हिमालय की ओर भी कोरोना ने दस्तक दे दी है. उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार कोरोना मरीजों के बढ़ने से चिंताएं और बढ़ गई हैं. उत्तराखंड में प्रवासियों के आने के सिलसिले के साथ ही कोरोना मामलों में भी उछाल आना शुरू हो गया है. राज्य में बुधवार तक ये आंकड़ा 113 के आसपास पहुंच गया है. वहीं, हाल में जो भी केस पॉजिटिव आ रहे हैं, वो सभी प्रवासी उत्तराखंडी हैं, जो इस कोरोनाकाल में अपने घरों की ओर आये हैं.

हिमालयी जिलों में कोरोना चिंताजनक 

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में कोरोना की दस्तक चिंताजनक है, पहाड़ों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के साथ ही ना तो अच्छी सड़कें हैं और ना ही कम्यूनिकेशन के अच्छे माध्यम. ऐसे में सूचनाओं के आदान-प्रदान से लेकर आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों के समय पर ना पहुंचने का साथ ये संकट और गहरा सकता है. राज्य में कोरोना संक्रमितों के मामले प्रवासियों के आने के बाद एकदम से बढ़ रहे हैं. ऐसे में ज्यादातर लौटने वाले प्रवासी पहाड़ी राज्यों से ही हैं. जिस कारण कोरोना संकट से महफूज जिले भी धीरे-धीरे कोरोना की चपेट में आ रहे हैं. भले ही, उत्तराखंड बनने के बाद मैदानी इलाकों में सुविधाएं कुछ दुरस्त हो पाई हों, लेकिन पहाड़ी जिले आज भी विकास की बयार से अछूते हैं, इससे इंकार नहीं किया जा सकता. ऐसे में अगर पहाड़ों में क्वारंटीन कराए गए, लोगों से कोई भी चूक होती है, तो स्थिति भयावह हो सकती है.

कोरोना ने करा दिया रिवर्स पलायन

उत्तराखंड में कई लोग ऐसे हैं जो कभी गांव आए ही नहीं. ऐसे में कोरोना काल के इस वक्त में सबसे महफूज़ जगह उन्हें वहीं गांव लग रहे हैं, जिनको वो छोड़कर चले गए थे. यही कारण है कि जो रिवर्स पलायन सरकार का पलायन आयोग नहीं करा पाया, वो कोरोना ने करा दिया, लेकिन चिंता इस बात की बढ़ गई है कि वापस लौट रहे कई प्रवासी कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं. वापस लौट रहे प्रवासियों में अधिकतर महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा से हैं और विशेषकर इन राज्यों में स्थित मुंबई और गुरुग्राम से हैं. भले ही तेजी के साथ वापस लौट रहे लोगों से खाली पड़े गांव तो भरने लगे हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण ने चिंताएं भी बढ़ा दी हैं.

उत्तराखंड में कोरोना की स्थिति

उत्तराखंड में 15 मार्च 2020 को कोरोना का पहला मरीज मिला था, जिसके बाद यहां पर धीरे-धीरे कोरोना मरीजों के बढ़ने का सिलसिला शुरू हो गया. उत्तराखंड में कोरोना की स्थिति को तीन भागों में बांटकर हम समझ सकते हैं.

  1.  पहला- विदेशों से लौटे लोगों में कोरोना संक्रमण से शुरुआत
  2. दूसरा- जमात में शामिल होकर राज्य में लौटे जमातियों से आंकड़ा बढ़ा
  3. तीसरा- उत्तराखंड वापस लौट रहे प्रवासियों से कोरोना संक्रमितों की बढ़ने लगी तादाद

उत्तराखंड कोरोना अपडेट (खबर लिखने तक)

उत्तराखंड में कोरोना के 113 मामले अभी तक सामने आ चुके हैं. इनमें 52 लोग स्वस्थ होकर घर भेजे जा चुके हैं. 60 केस एक्टिव हैं, जबकि एक कोरोना मरीज की मौत हो चुकी है.

उत्तराखंड में जिलेवार मरीजों का आंकड़ा इस प्रकार 

  • देहरादून में कोरोना मरीजों की संख्या 47
  • नैनीताल में कोरोना मरीजों की संख्या 23
  • ऊधमसिंहनगर में कोरोना मरीजों की संख्या 23
  • हरिद्वार में कोरोना मरीजों की संख्या 8
  • अल्मोड़ा में कोरोना मरीजों की संख्या 2
  • पौड़ी में कोरोना मरीजों की संख्या 4
  • उत्तरकाशी में कोरोना मरीजों की संख्या 4
  • चमोली में कोरोना मरीजों की संख्या 1
  • बागेश्वर में कोरोना मरीजों की संख्या 2

यह भी पढ़ें:

उत्तराखंड: लॉकडाउन 4 में रियायतों के बाद खुली सैलून की दुकानें, पुलिस प्रशासन सतर्क



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here