कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को निवेश का नया विकल्प मिला है। ये विकल्प InvITs(बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट) का है। केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) की बैठक के दौरान ये फैसला लिया गया है। सीबीटी, ईपीएफओ की निर्णय लेने वाली संस्था है। 

क्या कहा केंद्रीय मंत्री ने: बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, ‘‘इस समय हमने सिर्फ नए सरकारी इंस्ट्रूमेंट (बॉन्ड और इनविट) में निवेश करने का फैसला किया है। इसके लिए कोई प्रतिशत नहीं है। यह सलाहकार निकाय वित्तीय निवेश एवं लेखा समिति (एफआईएसी) द्वारा प्रत्येक मामले के आधार पर तय किया जाएगा।’’

इस फैसले के बारे में समझाते हुए श्रम सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा, ‘‘अगर हम उच्च ब्याज दर देना चाहते हैं, तो हमें वित्त मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। कुछ इंस्ट्रूमेंट (नियमों में निर्धारित) हैं, जहां हम विभिन्न कारणों से निवेश करने में सक्षम नहीं थे। अब हम उन इंस्ट्रूमेंट में निवेश कर सकेंगे।’’

InvITs में निवेश के मायने: वर्तमान में ईपीएफओ अपने सालाना जमा का एक हिस्सा बांड, सरकारी प्रतिभूतियों और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश करता है। इस निवेश पर मिलने वाले रिटर्न के आधार पर ही पीएफ खाताधारकों के पीएफ पर ब्याज को तय किया जाता है।

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अब InvITs( बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट) में निवेश का नया विकल्प मिल गया है। InvITs के रूप में नया विकल्प मिलने पर ज्यादा रिटर्न मिलने की उम्मीद रहेगी। जितना ज्यादा रिटर्न मिलेगा, ईपीएफओ उतना ही ज्यादा ब्याज अपने खाताधारकों को देगा। करीब 6 करोड़ खाताधारकों को इसका फायदा मिल सकता है।



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