मार्च में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2020-21 में भारत के इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 12 फीसदी का इजाफा आया है। यह जानकारी मंगलवार को वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी की गई हैं। 

पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में इनडायरेक्ट टैक्स का कनेक्शन 9.54 लाख करोड़ रुपये हुआ था। जबकि बीते वित्तीय वर्ष 10.71 लाख करोड़ रुपये का टोटल कलेक्शन हुआ है। पिछ्ले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 12 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। 

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वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा, ‘वित्तीय वर्ष 2020-21 में नेट इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का संशोधित लक्ष्य हासिल कर लिया गया।’ लेकिन सरकार के लिए चिंता का विषय यह है कि यह उछाल नाॅन- जीएसटी रेवन्यू में ही आया है। नेट जीएसटी कलेक्शन में पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 8 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस बार यह 5.48 करोड़ हुआ। यह सेन्ट्रल, इंटीग्रेटड जीएसटी और कंपनसेशन सेस जोड़कर है। 

सरकार का कहना है कि वित्तीय वर्ष के पहले छमाही में कोरोना के कारण जीएसटी कलेक्शन प्रभावित हुआ था। लेकिन अगले छ महीने में इस कलेक्शन में सुधार हुआ और महीने 1 लाख करोड़ रुपये से ऊपर कलेक्ट हुआ। 

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नेट कस्टम कलेक्शन में इजाफा हुआ है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में यहां से 1.32 लाख करोड़ रुपये कलेक्ट हुए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इसमें 21% का इजाफा हुआ है। 2019-20 में यहां से 1.09 लाख करोड़ रुपये कलेक्ट हुआ था। 

नेट सेन्ट्रल एक्साइज और सर्विस टैक्स में भी 59% प्रतिशत का इजाफा हुआ है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में यह 2.45 लाख करोड़ रुपये हुआ था जो नए आंकड़ों में बढ़कर 3.91 लाख करोड़ हो गया। 





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