इधर कोरोना अपने पूरे शवाब पर है और केन्द्र सरकार चुनावी रण में पूरी तरह तल्लीन है। कोरोना अपनी पूरी ताकत से प्रहार करने में लगा हुआ है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता देश के अनेक हिस्सों में अपनी पार्टी की सरकार बनाने में व्यस्त है। कोरोना का संक्रमण 90 हजार के करीब लोगों में पहुंच चुका है। लेकिन लगता नहीं है कि देश के प्रधानमंत्री ग्रह मंत्री को इस भयानक त्रासदी से निपटने में कोई दिलचस्पी है। बीजेपी और मोदी सरकार की मंशा तो केरल, प. बंगाल, असम, पुडूचेरी और तमिलनाडु में बीजेपी की सरकारें बनाने की है। देश को तो पहले ही वो आत्मनिर्भर बनने की सलह दे कर वो कोरोना की चिंता से मुक्त हो चुके हैं।
देश में कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है जिससे महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, यूपी, कर्नाटक समेत पूरी देश में कोरोना ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले साल के सारे रिकार्ड तोड़ संक्रमण हो रहा है। प्रदेश सरकारें अपने अपने तरीके से कोरोना से निपटन का प्रयास कर रही हैं। इसके बावजूद दिन ब दिन कोरोना संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। महाराष्ट्र के हालात सबसे अधिक खराब होते जा रहे हैं। सीएम उद्धव ठाकरे ने साफ कर दिया है कि सरकार की दिशा निर्देश का पालन करें और सोशल डिस्टेंसिंग को बनाये रखें अगर ऐसा नहीं किया तो लाॅकडाउन लग कर रहेगा। लेकिन सबसे अधिक नियमों का उल्लंघन मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक समेत बड़े जिलों में किया जा रहा है। हालात गंभीर देख कर सरकार ने दिन में धारा 144 और शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक कफर््यू कुछ दिनों के लिये लगाया है।
ऐसे संकट के समय में केन्द्र को इस समस्या से निपटने के लिये प्रदेशों से मीटिंग कर सामंजस्य बिठाना चाहिये ऐसे में पूरी प्रधानमंत्री समेत सरकार एक महिला मुख्यमंत्री को हराने में झूठ फरेब और अनर्गल प्रलाप में जुटी है। इतिहास में पहली बार देखा जा रहा है कि महिला को हराने के लिये पूरी केन्द्र सरकार मंत्रिमंडल, लगभग आधा दर्जन से अधिक बीजेपी शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और 300 से अधिक सांसद, आरएसएस और हिन्दू संगठन पश्चिम बंगाल की गलियों में धूल फांक रहे है। ऐसे में बीजेपी को जिताने के लिये सीबीआईक, चुनाव आयोग, ईडी और आयकर विभाग पूरी तरह से जी हुजूरी में तलुए चाट रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here