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बिहार के साथ पूरे देश में जनअधिकार पार्टी सुप्रीमो पप्पू यादव की गिरफ्तारी का मामला गूंज रहा है। पप्पू यादव ने हाल ही में बीजेपी सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री के घर पर कोरोना काल में खड़ी 70 एम्बुलेंस का खुलासा किया था। इससे बिहार की राजनीति में उबाल आ गया। इसके दो तीन दिन बाद ही बिहार पुलिस ने पप्पू यादव को उनके पटना के आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने यह कहा कि पप्पपू यादव ने कोविड कानून का उल्लंघन किया है। लेकिन बाद में यह कहा कि 32 साल साल पहले हुई एक हत्या के मामले में पप्पू यादव की गिरफ्तारी की गयी है। 32 साल पहले हुई हत्या को लेकर पप्पू यादव को गिरफ्तार किया जाना लोगों के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। यह भी चर्चा है कि नितीश कुमार ने बीजेपी के दबाव में पप्पू यादव की गिरफ्तारी करवायी है। भाजपा कैसे बर्दाश्त करे कि कोई उसके सांसद और पूर्वं मंत्री की काली करतूतों का खुलासा करे।
पप्पू यादव के गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस, राजद, सीपीएम के साथ बिहार सरकार में शामिल हम के संयोजक जीतनराम मांझी, मंत्री मुकेश साहनी समेत बीजेपी के एक विधायक ने भी पप्पू यादव की गिरफ्तारी का विरोध जताया है। मुकेश सहनी और जीतनरम मांझी ने अपने अपने ट्विटर पर समर्थन में पोस्ट भी डाली हैं। तेजस्वी यादव ने गिरफ्तारी को लेकर अपने ट्वीट में कहा कि नितीश कुमार सत्ता की धुन में सही गलत का विवेक खो चुके है। बीजेपी उन्हें अपनी साख बचाने को इस्तेमाल कर रही है। यह बिहार के लिये काफी चिंता जनक है। पप्पू यादव की गिरफ्तारी से साफ जाहिर हो रहा है कि जो भी सरकार की अव्यवस्था और जनता की परेशानियों के बारे में खुलासा करेगा उसे सरकार और बीजेपी के कोप का भाजन होना पड़ेगा।

 

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