राजस्थान के सीएम अशोक गहलौत को इस बात का सुकून हो गया कि अब प्रदेश में उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है। उनके पास समर्थन का बहुमत है। बागी विधायकों समेत पूर्व उपमुख्य मंत्री व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पाइलेट वापसी कर चुके है। लेकिन सीएम गहलौत के आगे एक और समस्या खड़ी हो गयी है कि सचिन पइलेट एण्ड कंपनी की वापसी को लेकर पार्टी के कुछ अन्य समर्थक विधायकों मे नाराजगी हो गयी है। ये विधायक सचिन व उनके समर्थक विधायकों की वापसी पर नाराज है। उनका मानना है कि इन लोगों की वजह से पार्टी और प्रदेश सरकार की काफी जगहंसाई हुई है। ऐसे में इन लोगों पर बिना कोई कार्रवाई किये पार्टी में वापसी होने से संकटकाल में सीएम के साथ खड़े लोगों के विश्वास को काफी ठेस लगी है। अगर सचिन व उनके समर्थक विधायकों को पुरानी हैसियत मिलने से गहलोत समर्थकों में खासी नाराजगी है। 14 अगस्त को गहलोत अपने विधायकों के साथ बैठक करने वाले हैं ऐसे में यह देखना होगा कि सचिन पाइलेट अपने समर्थकों के साथ क्या रुख अपनाते है। वैसे लगभग माह तक चले इस सियासी ड्रामें को खत्म करने में राहुल प्रियंका ने काफी अहम् रोल निभाया है। कहा जा रहा है सब कुछ भुला कर आगे बढ़ा जाये।
पिछले एक माह से राजस्थान में जो सियासी घमासान चल रहा है। प्रदेश में सीएम अशोक गहलौत की सरकार हिचकोले खा रही है। उनकी सरकार में मंत्री व पार्टी के लगभग 30 विधायक प्रदेश अध्यक्ष सचिन पाइलेट के नेतृत्व में जयपुर से बाहर चले गये थे। अभी भी वापस जयपुर नहीं लोटे हैं। यह माना जा रहा था कि सचिन पाइलेट भाजपा के इशारे पर इन सभी विधायकों और मंत्रियों को लेकर जयपुर से बाहर चले गये थे। कोरोना के बढ़ते प्रकोप से राजस्थान में हालात बुरे होते गयें। ऐसे में प्रदेश के राज्यपाल ने भी प्रदेश सरकार की राह में रोड़े अटकाते हुए बागी विधायकों को राहत दी। यहां तक कि विधानसभा सत्र के लिये भी अड़ंगा लगाया। मामला बढ़ता देख सरकार पहले हाईकेार्ट गयी बाद में सुप्रीम कोर्ट गयी लेकिन वहां प्रदेश सरकार को राहत नहीं मिली। लेकिन ऐसे हालात में भी अशोक गहलौत ने केन्द्र सरकार और बीजेपी के आगे घुटने नहीं टेके और विषम परिस्थितियों में जोश में होश पर काबू रखा। काफी सियासी ड्रामे के बाद सचिन पाइलेट अपने समर्थक विधायकों और पूर्व मंत्रियों के साथ वापस आ गये। पार्टी ने इससे पहले सरकार में उपमुख्य मंत्री सचिन पाइलेट समेत दो अन्य मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटा दिया था। कांग्रेस सरकार ने बागी विधायकों समेत केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया था। एसओजी ने अलग से सचिन व समर्थक विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामले में जांच अभी भी जारी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here