नयी दिल्ली। आज से केरल के प्रसिद्ध मंदिर सबरीमला के द्वार श्रद्धालुओं के लिये खोले जा रहे है। स्थानीय प्रशासन ने मंदिर के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। लेकिन यह भी सरकार ने कहा ​है कि वो मंदिर में प्रवेश करने वाली महिलाओं की सुरक्षा का जिम्मा नहीं ले सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सबरीमला मंदिर में प्रवेश के लिये 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश लगी रोक को समाप्त करते हुए प्रवेश की अनुमति दी है। उनके इस आदेश के बाद 65 याचिकाएं पुनिर्विचार के लिये उच्चतम न्यायालय में दायर की गयी है।

अनेक धार्मिक स्थलों और मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक काफी समय से लगी हुई है। इसमे केरल के सबरीमला मंदिर में भी पुजारियों और ट्रस्टियों द्वारा महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगायी थी। लेकिन पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने महिलओं पर लगी इस रोक को खत्म करते हुए 10 से 50 साल की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर स्थानीय संस्थाओं और मंदिर के प्रबंधन की ओर से काफी संख्या में रिव्यू पिटीशन डाली थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सात जजों की उच्च बेंच में भेज दिया है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here