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12 सितंबर को गुजरात की रात सोमवार को एक अजीब नजारा देखने को मिला। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल अपने नेताओं के साथ ऑटो में बैठ कर एक जगह डिनर के लिये जा रहे थे। रास्ते में ही गुजरात पुलिस ने उनके ऑटो को रोक लिया और कहा कि आप सार्वजनिक वाहन से अहमदाबाद में नहीं जा सकते हैं। यह सरकार का प्रोटोकॉल है आपको हमारी सुरक्षा में चलना होगा। लेकिन केजरीवाल ने कहा कि उन्हें गुजरात सरकार की सुरक्षा नहीं चाहिये। आप सुरक्षा के नाम पर हमें अरैस्ट कर रहे हैं। ये आप नहीं कर सकते। मैं जनता का आदमी हूं। मैं आम आदमी के बीच जा रहा हूं। आप मुझे नहीं रोक सकते। आप गुजरात पुलिस की सुरक्षा सरकार के मंत्रियों को दीजिये मुझे आपके सुरक्षा नहीं चाहिये।
काफी देर तक पुलिस अफसरों से केजरीवाल की बहस हुई। हार का गुजरात पुलिस ने केजरीवाल को ऑटो में जाने दिया। यह पहला मौका नहीं जब आम आदमी पार्टी को टारगेट किया गया। इससे पहले उनके कार्यालय पर स्थानीय पुलिस के दो कर्मचारियों ने पार्टी कार्यालय पर छापा मारा और दो घंटे तक आफिस की तलाशी। लेकिन उन्हें वहां कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। वो दोनों फिर आने की बात कह कर चले गये। लेकिन गुजरात पुलिस के अफसरों ने इस बात से इनकार किया कि उनकी किसी पुलिस टीम ने आप कार्यालय पर छापा मारा और तलाशी ली। इस घटना से पहले गणेश पूजा के पंडाल में आम आदमी पार्टी के एक नेता पर जानलेवा हमला हुआ। सभी हमलावर लाठी डंडों से लैस थे। मामला दर्ज हुआ लेकिन कार्रवाई और किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई इसकी जानकारी नही हुई। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि ऐसे अराजक तत्वों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। सत्तारूढ़ दल की बेचैनी और छटपटाहट का नतीजा हैं ये सब वारदातें। ऐसा लग रहा है कि लोग गुजरात में बदलाव चाह रहे हैं। इसी वजह से सत्ताधारी दल येण केण प्रकारेण छल, बल और रसूख से इस बदलाव के रास्ते में रोड़े अटकाने का प्रयास कर रहा है।

जैसे जैसे गुजारत विधानसभा चुनाव करीब आ रहा है वैसे वैसे राजनीतिक और कूटनीतिक साजिशों का दौर भी चलना शुरू हो गया है। यह देखा जा रहा है कि सत्तारूढ़ दल किसी भी सूरत में सत्ता को किसी दूसरे के हाथों में सौंपने को राजी नहीं है। पिछले कई सालों से यहा लोगों में सत्ता के खिलाफ रोष देखा जा रहा है। पिछले 27 सालों से गुजरात मंे बीजेपी की सरकार है। इसके बावजूद प्रदेश मंे सिवाय धार्मिक आयोजनों के न तो अच्छे स्कूल हैं और न ही इलाज के लिये अच्छे अस्पताल। हर साल बाढ़ और जल भराव की समस्या से जनता को दो दो हाथ करने होते हैं। पोस्टर और बैनरों में ही केवल विकास दिखता है। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी गुजरात में चुनाव को जीतने का मंसूबा बना रही है। यह बात भी साफ नजर आ रही है कि गुजरात की जनता भी आप के मुद्दों से सहमत दिख रही है। आम आमी पार्टी ने कुछ माह पहले पंजाब में प्रचंड बहुमत से सरकार बनायी है इससे उनके हौसले बढ़े हुए है। वो गुजरात में भी कुछ कर गुजरने की मंशा से चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं।

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