shiela with kejri
Ex Delhi CM Shiela Dixit with Delhi CM Arvind Kejriwal

नयी दिल्ली। काफी दिनों से कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का गठबंधन चर्चा में चल रहा है। दोनों ही पार्टियां मीडिया में भी कह चुकी हैं कि ऐसा संभव नहीं है। लेकिन गठबंधन की आग दोनों पार्टियों के अंदर खाने चल रही हैं। यह चर्चा भी सुनाई दे रहा है कि गठबंधन को लेकर दोनों ही दलों में कुछ तो खिचड़ी पक रही है। आम आदमी पार्टी ने तो अपने सातों उम्मीदवारों के नाम भी ऐलान कर दिये हैं। लेकिन राजनीति संभावनाओं का खेल है। अब यह सुनाई दे रहा है कि आम आदमी पार्टी ने कांगे्रस के सामने गठबंधन के लिये दो शर्तेें रखीं हैं। पहली ये किगठबंधन केवल दिल्ली में नहीं बल्कि हरियाणा और पंजाब में भी होगा। दूसरी शर्त यह है कि कांग्रंेस दिल्ली को पूर्ण स्वराज्य दिलाने का मुद्दा अपने घोषणा पत्र में डाले। अगर ऐसा हुआ तभी आप और कांग्रेस का गठबंधन संभव हो पायेगा।
कुछ समय पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में आप से गठबंधन पर चर्चा की गयी। लेकिन उस बैठक में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सबसे ज्यादा विरोध जताया था। उन्होंने कहा था कि आप से गठबंधन करने की वजह हमें कार्यकर्ताओं बतानी पड़ेगी। हम उन्हें क्या वजह बतायंेगे 2014 और 15 में इसी पार्टी ने हमारे नेताओं को जमकर कोसा था। एक राष्ट्रीय पार्टी को आम आदमी पार्टी से किस मजबूरी में समझौता करना पड़ रहा है। इससे पूरे देश में गलत संदेश जायेगा। हमें अपने बूते पर दिल्ली में आम चुनाव लड़े ंतो हमें फायदा होगा। इसके बावजूद इस गठबंधन पर शीर्ष नेतृत्व ने अपना अंतिम फैसला नहीं किया। पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह तो आप से गठबंधन को बिल्कुल भी तैयार नहीं। उनका कहना भी सही है कि कांगे्रस ने दस साल से जमी अकाली बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंका। उसे पंजाब में एक क्षेत्रीय पार्टी के साथ गठबंधन करने की क्या जरूरत पड़ गयी। दूसरी ओर हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी आम आदमी पार्टी से गठबंधन के खिलाफ दिख रहे हैं। लेकिन कांग्रेस दिल्ली में आम आदमी पार्टी से गठबंधन को लेकर इतनी संजीदा क्रूों है।

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