Pragya thakur
BJP leader Pragya thakur apolise for her statement against Late IPS Hemant Karkare

विनय गोयल
नयी दिल्ली। हाल ही में भाजपा में शामिल हुईं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बयानों से देश भर में राजनीतिक उथल पुथल मची हुई है। भाजपा ने प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल से अपना उम्मीदवार भी बनाया है। जिस दिन प्रज्ञा ठाकुर उम्मीदवार बनी हैं उसी दिन से उन्होंने अपने विरोधियों और कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इतना ही नहीं उनके निशाने पर अशोक चक्र विजेता शहीद आईपीएस अफसर हेमंत करकरे के खिलाफ भी काफी जहर उगला। इतना ही नहीं उन्होंने करकरे को देशद्रोही तक कह डाला। प्रज्ञा के इस बयान से अन्य राजनीतिक दल तो विरोध में उतरे ही साथ ही आईपीएस एसोसियेशन ने भी प्रज्ञा के शर्मनाक बयान पर आपत्ति दर्ज करायी। जब काफी हो हल्ला हुआ तो चुनाव आयोग भी नींद से जागा। सुना जा रहा है कि नोटिस जारी कर जवाब मांगा जायेगा।
कांग्रेस ने कहा कि जिस आईपीएस अधिकारी ने आतंकवादियों से जंग करते हुए अपनी जान देश पर लुटा उसी अशोक चक्र विजेता हेमंत करकरे को प्रज्ञा ठाकुर देशद्रोही कह रही है। उसे बीजेपी ने भोपाल से आम चुनाव लड़ने का टिकट दिया है। बीजेपी ही ऐसी पार्टी हो सकती है जो एक शहीद को देशद्रोही कहने का जुर्म कर सकती है। पीएम मोदी को इस मामले में शहीद के परिवार और देश से माफी मांगनी चाहिये। इतना ही नहीं प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई की जाये। इस मामले पर बीजेपी की ओर कहा गया कि ये बयान बीजेपी का नहीं हैं। यह प्रज्ञा ठाकुर की निजी राय है। बीजेपी अशोक चक्र विजेता की शहादत का पूरा सम्मान करती है। प्रज्ञा ठाकुर के इस विवादित बयान से विपक्ष ने मोदी सरकार और बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है।
बीजेपी ने प्रज्ञा को टिकट आरएसएस के दबाव में आकर दिया है। ऐसा सूत्रों से पता चला है कि भोपाल में आरएसएस का अच्छा प्रभाव है। वो हिन्दुत्व के मुद्दे पर एक बार फिर से वहां जीत हासिल करने का ख्वाब देर रही है। प्रज्ञा ठाकुर के सामने कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह हैं जो दस साल बाद चुनावी मैदान में उतरे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here