Ideal village paldev
Cabinate Min. Prakash Jawdekar adopted Paldev for Ideal village scheame

नयी दिल्ली। 2014 में जब मोदी ने पीएम पद की शपथ ली थी तभी यह घोषणा भी की थी कि हर सांसद एक गांव को गोद ले कर उसका संपूर्ण विकास करेगा। लोगों को लगा कि उन्होंने पहली बार किसी सही नेता को चुन कर प्रधानमंत्री बनाया जो अपने आप को पीएम नहीं बल्कि प्रधानसेवक समझता है। चूंकि यह घोषणा पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से की थी तो सभी सांसदों ने इस योजना के प्रति पूरा सम्मान और महत्व जताया। लेकिन पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। बहुत कम सांसद ही होंगे जिन्होंने गोद लिये गांव को आदर्श बनाया होगा।
मध्यप्रदेश के सतना जिले में गांव है पालदेव जिसे कैबिनेट मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने पीएम मोदी की आदर्श गांव योजना के तहत गोद लिया था। मंत्री जी का कहना है कि उन्होने पालदेव को आदर्श बनाने में 81 लाख रुपये की राशि खर्च की है। लेकिन गांव की स्थिति बिल्कुल उलट है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस गांव को 2016 में यहां के एमपी प्रकाश जावड़ेकर ने गोद लिया था। एमपी इस बीच कई बार यहां दौरा करने भी आये लेकिन बुनियादी स्तर पर कुछ भी यहां का विकास नहीं हुआ। विकास के नाम पर पंचायत जरूर बना है लेकिन उसमें सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। बस रंगरोगन जरूर नया है। कुछ ऐसा ही हाल संड़कों का है। देो एक सड़कों का निर्माण जरूर करवाया गया है। लेकिन इससे आदर्श की परिभाषा तय नहीं होती है। लगभग 5 हजार की आबादी वाले पालदेव गांव में एक भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है। स्वास्थ्य सुविधा के नाम एक डिस्पंेसरी जरूर है जिसे कंपाउंडर के जिम्मे छोड़ दिया गया है।
एक प्राइमरी स्कूल जरूर है जहां लगभग एक दर्जन बच्चे पढ़ते हैं ऐसा बताया गया है। स्कूल में सिर्फ एक टीचर है जिसके जिम्मे सभी विद्याथर््ियों को पढ़ाने और संभालने की इस बात से उम्मीद लगायी जा सकती है कि गांव में पढ़ाई का स्तर और व्यवस्था कितनी सुदृढ़ होगी। स्थानीय लोग यहां की सुविधाओं से बिलकुल भी संतुष्ट नहीं है। उनको उम्मीद थी कि आदर्श गांव में अच्छे स्कूल, विद्यालय कालेज, रोजगार के अवसर और बेहतर स्वास्थ्य की सुविधायें उन्हें मिल सकेंगी। अच्छे इलाज के लिये ग्रामीणों को चित्रकूट और सतना जाना पड़ता है।

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