farooq Abdullah
Natonal Conference supremo attack on PM Modi and Govt.

विनय गोयल
नयी दिल्ली। इधर चुनाव आयोग ने आम चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की वहीं दूसरी ओर इनका विरोध भी शुरू हो गया है। जम्मू कश्मीर को छोड़ सारे देश में चुनाव के लिये मतदान किया जायेगा। यह कर कि वहां के माहौल माकूल नहीं है इसलिये वहां बाद में कराये जायेंगे। लेकिन वहां के क्षेत्रीय दल कहते हैं कि मोदी सरकार की यहां दाल नहीं गलने वाली थी इसलिये चुनाव नहीं कराये जा रहे है। यहां विधानसभा के चुनाव भी होने हैं। लेकिन वहां भाजपा व उनके समर्थक दलों के हालात बहुत बुरे हैं इसलिये सही मौके के तलाश की जा रही है।
पूरे देश में पाक पर हवाई हमला होने से सारा माहौल मोदीमय बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि यह ऐतिहासिक कदम है जो पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं उठाया गया है। यह सब ऐसे मौके पर किया जा रहा हैजब आम चुनाव सिर पर हैं। मोदी सरकार से विपक्षी नेता तमाम समस्याओं को लेकर सवाल कर रहे हैं। ऐसे में सरकार बैकफुट पर आ गयी थी। लेकिन पुलवामा हमले को लेकर सरकार और एनडीए ने ऐसा माहौल क्रियेट कर रहे हैं जिससे लोग सारे ज्वलंत मुद्दे दरकिनार कर राध्ट्रभक्ति ओर फौज के सम्मान को ही याद रखें। 26 फरवरी को एयर फोर्स ने पाक सीमा के भीतर घुसकर हवाई हमला कर दिया। अब उस हमले को लेकर सियासी सवाल उठने लगे हैं। नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष व जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने एनडीए सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि पुलवामा हमला और पाक हमला चुनावी फायदा लेने के लिये किया गया है। दोबारा सत्ता में आने के लिये मोदी ने यह साजिश रची है। इसमें फौज को राजनीतिक लाभ के लिये इस्तेमाल किया गया है। यहां हालात बिल्कुल सामान्य हैं लेकिन भाजपा के खिलाफ माहौल है इसलिये चुनाव आयोग मोदी सरकार के इशारे पर चल रहा है।
सरकार ने इसे चुनावी मुद्दा बनाने का फैसला कर लिया है। वहीं विपक्ष हवााई हमले पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। इस पर मोदी सरकार ने इसे राष्ट्रपे्रम और फौजियों के सम्मान से जोड़ दिया है। सवाल करने वाले लोग कह रहे हैं कि पुलवामा हमले मे सीआरपीएफ के चार दर्ज जवान शहीद हुए। वहीं भारतीय वायु सेना के हमले कितने आतंकी मारे गये इस बात पर सरकार गोलमोल जवाब दे रही है। बीजपी नेता और उनके मंत्री मारे गये आतंकियों की अलग अलग संख्या बता रहे है। वहीं एयर फोर्स प्रमुख की ओर से ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है। साथ ही यह भी कहा कि हमारा काम आतंकी ठिकानों पर हमला करना था हमने सफलता पूर्व अंजाम दिया। लाशें गिनना हमारा काम नहीं है।

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