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Namo TV has launched in India after Gen. Election announced by Election commision

विनय गोयल
नयी दिल्ली। चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं की जुबां काफी फिसल रही है खासतौर से बीजेपी और एनडीए नेताओं की। चुनाव आयोग उन्हें केवल हिदायत दे कर छोड़ भी रहा है। लेकिन सत्ताधारी पार्टी के नेता मंत्री और मुख्यमंत्री हिदायतों के बावजूद जमकर चुनाव आचार संहिता की अवहेलना कर रहे है। इसी बीजच सारे नियम कायदे ताक पर रखते हुए नमो टीवी को लांच भी कर दिया गया। जिस पर न्यूज और विश्लेषण के नाम पर केवल मोदी जी के भाषण और उनके पांच साल के कार्यकलापों का ही प्रचार व प्रसार किया जा रहा है। इस पर जब विपक्षी दलों ने विरोध् ाजताया और चुनाव आयोग इसकी शिकायत की तो आयोग ने दिखावा करते हुए केन्द्र सरकार को नोटिस भेज दिया है। सरकार ने भी जवाब देने के लिये आयोग से समय मांगा है। इससे साफ जाहिर हो रह है कि सरकार और चुनाव आयोग के बीच नूरा कुश्ती चल रही है। सत्ताधारी किसी भी नेता मंत्री और मुख्यमंत्री पर चुनाव आयोग की हिदायतों का कोई असर नहीं दिख रहा है। आयोग ने यूपी के सीएम को मोदी की सेना वाले बयान पर नोटिस दिया। लेकिन इसके बाद योगी ने अली और बजरंग बली और हरा वायरस वाला बयान दे कर एक बार फिर चुनाव आयोग को अंगूठा दिखा दिया। उधर चुनाव आयोग ने यह भी संकेत दिया था कि मोदी की बायोपिक और नमो टीवी पर बैन लग सकता। लेकिन यह संकेत केवल संकेत ही बन कर रह गया। सभी डीटीएच सर्विसेज पर नमो टीवी का धड़ल्ले से प्रदर्शन हो है।
इसी बीच एक और टीवी चैनल नमो टीवी भी टाटा स्काई डीटीएच 512 पर दिखाया जा रहा है। इस चैनल के लिये भारत सरकार के सूचना प्रसारण विभाग से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गयी है। ऐसा भारत सरकार की ओर कहा गया है। दिलचस्प यह है कि नमो टीवी को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद लांच किया गया है। इस चैनल पर मोदी के भाषण और चरित्र चित्रण को विस्तार से दिखाया जा रहा है। बीजेपी के लिये प्रचार का माध्यम बनाया गया है। आयोग के पास पिक्ष ने नमो टीवी के प्रसारण पर आपत्ति जतायी गयी है। इस संबंध में आयोग ने सरकार से इस संबंध में शीघ्र जवाब मांगा है। यह इस वजह से भी अहम् हो गया है कि चुनाव की तिथियां काफी करीब हैं। नमो टीवी को लेकर सरकार की चुप्पी इस बात का संकेत है कि इस टीवी चैनल को लेकर सूचना मंत्रालय की ओर ढीला रवैया अपनाया गया क्योंकि इस पर पीएम मोदी के भाषण और उनकी उपलब्ध्यिों को लगातार दिखाया जा रहा है।
इस संबंध में विपक्ष का कहना है कि सरकार का सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय दोहरा मानदंड अपना रहा है। अन्य समाचार चैनलों के लिये काफी जटिल प्रक्रिया के बाद लाइसेंस दिया जाता है। वहीं नमो टीवी के लिये सरकार की मंजूरी के बिना ही इसे डीटीएच सर्विस वाले दिखा रहे हैं। डीटीएच की नयी सेवा शर्तों के अनुसार आज दर्शक अपनी पसंद के चैनल चुन सकता है तो नमो टीवी को अनिवार्य चैनलों में क्यों दिखाया जा रहा है। टाटा स्काई के 512 पर नमो टीवी दिखाया जा रहा है। लोगों ने जब टाटा स्काई से नमो टीवी के संबंध में जानकारी मांगी तो उन्होंने 4 अप्रैल को ट्विीट कर यह बताया कि यह एक हिन्दी न्यूज सर्विस है जो राजनीति की ताजा समाचारों का प्रसारण करता है। लेकिन दूसरी ओर सरकार का बयान यह है यह एक प्रमोशनल टीवी चैनल है जिसके लिये भारत सरकार से इसका लाइसेंस लेना जरूरी नहीं है। इस पर राजनीतिक के प्रमोशन के लिये इस प्रकार के टीवी चैनल चला सकता है।

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